
सरकार की नीतियों के विरोध में जिला कैमिस्ट एसोसिएशन की ओर से अपने दवा प्रतिष्ठान बंद रखे जाएंगे। जिलेभर के मेडिकल स्टोर एक दिन बंद रखने से करीब साढे़ छह करोड़ का दवा व्यापार प्रभावित होगा। हालांकि बंद को यदि सरकारी दवा काउंटर पर बैठे फार्मासिस्टों का समर्थन नहीं रहता है तो मरीजों को दवा पाने में राहत मिल सकती है। लेकिन, इस हालत में भी रोगियों की भीड़ ज्यादा होने के कारण उन्हें दवा हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है। एसोसिएशन अध्यक्ष संजीव नेहरा ने बताया कि देशव्यापी बंद का आह्वान ऑनलाइन फार्मेसी, ई पोर्टल नीति, दवा मूल्य नियंत्रण नीति व केंद्रीय दवा कानून संशोधन के विरोध में रखा जा रहा है। नीतियों के कारण देशभर के 8.50 लाख कैमिस्ट व 50 लाख कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। प्रतिष्ठान बंद कर व्यापारी कलक्टर को ज्ञापन सौपेंगे।
10 हजार कर्मचारी होंगे प्रभावित
जिलेभर में 1800 के करीब निजी मेडिकल स्टोर हैं। महीने में जिन पर दवा का करीब दो सौ करोड़ का कारोबार होता है। एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि दवा व्यापार से करीब 10 हजार कर्मचारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर जुडे़ हुए हैं। मेडिकल स्टोर बंद रहने से वे भी प्रभावित रहेंगे।
बंद रखने वालों पर होगी कार्रवाई
औषधि नियंत्रण कार्यालय की ओर से सीकर होलसेल उपभोक्ता भंडार की ब्रांचों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें उन्हें निर्देशित किया गया है कि 30 मई को वे अपनी दुकानें खुली रखेंगे। औषधि नियंत्रण अधिकारी मनोज गढ़वाल के अनुसार दुकान बंद रखने वाली होलसेल भंडार की ब्रांच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जुटा ली है व्यवस्था
सीएमएचओ डा. विष्णु मीना का कहना है कि दवा के लिए मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। विभाग ने अपने स्तर पर व्यवस्थाएं कर रखी है। उन्होंने बताया कि दवा के लिए कई सरकारी काउंटरों पर रात्रिकालीन सेवाएं भी चालू रखी जाएंगी।
आगे भी जारी रहेगा विरोध
जयपुर डिवीजन कैमिस्ट एसोसिएशन के सचिव अजीतपाल जैन और जिला सचिव मनीष शर्मा ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
बराबर का रहेगा सहयोग
अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ के अनिल बंसल ने बताया कि बंद को सफल बनाने के लिए भरपूर सहयोग रहेगा।
Published on:
30 May 2017 03:22 am
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