
बेरोजगार युवाओं को टे्रनिंग देकर बनाया जा रहा निशाना, जाने क्या है मामला
सीकर.
चिटफंड कंपनियों के लिए शेखावाटी पहली पसंद है। मल्टीलेवल कंपनिया सोने डायमंड, प्रोपर्टी में निवेश सहित नई-नई स्कीमें बनाकर कम समय में लोगों को धन दोगुना करने का झांसा देकर ठगी कर रही है।
इन कंपनियों ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी कर डाली है। चिटफंड कंपनियों की ठगी को लेकर राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की तो पता लगा कि कंपनियां बेरोजगार युवकों को झांसा देकर ठगी की वारदात कर रहे है।
इसी साल तीन बड़ी चिटफंड कंपनियों के बड़े घोटाले सामने आए है। बड़े एजेंटों के कारण ही गांव व कालोनियों के लोग शिकार होते है। वे पहले अपने रिश्तेदारों को शामिल करते है। इसके बाद पड़ोस व गांव के लोगों को शामिल किया जाता है। डेली डायमंड ने 30 हजार लोगों से 300 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। रेटीकेट मार्केटिंग कंपनी ने भी 10 महीने में 700 लोगों से ठगी कर ली।
ठगी का तरीका
चिटफंड कंपनियां धन दोगुना करने का झांसा, सोने में निवेश व अन्य उत्पादों को लेकर नई स्कीमें लेकर आती है। स्कीमों को बाजार में लांच करने से पहले बड़े एजेंटों को शामिल किया जाता है। लेन-देन का पूरा काम साफ्टवेयर के जरिए ही किया जाता है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों को मीटिंग के जरिए नई-नई स्कीमें बताकर शामिल किया जाता है। ये लोग मुनाफे के लालच में आकर अपने रिश्तेदारों को जोड़ते है। इसके पड़ोस के लोगों व दोस्तों को ठगी का शिकायत बनाया जाता है।
पुलिस के पास मामला सामने आने से पहले ही बड़े एजेंट फरार हो जाते है। पिछले कुछ सालों में डेली डायमंड, प्रिया परिवार, गोल्डसुख, पीयूसीएल सहित कई चिटफंड कंपनियों ने राजस्थान सहित शेखावाटी में लोगों से ठगी की वारदात की है। ठगी के इन मामलों से समझें अब तक हुई ठगी की वारदातें।
रेटीकेट
कंपनी के निदेशक अंकुश ने 10 महीने में ही 700 लोगों को सदस्य बना दिया। लोगों को सदस्य बनाकर चेन सिस्टम के जरिए कंपनी ने करोड़ों रुपए के कपड़े बेच डाले। कंपनी ने 8000, 40000 व डेढ़ लाख रुपए में सदस्यता रखी। डेढ़ लाख रुपए निवेश करने पर कंपनी की ओर से डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का झांसा दिया गया। कंपनी ने प्रत्येक सदस्य को चार नए जोडऩे की स्कीम बनाई थी। लोगों को कारें, मोबाइल फोन सहित अन्य गिफ्ट देने का भी झांसा दिया गया। पुलिस ने मामला सामने आने पर अंकुश, मीका सिंह, अवतार सिंह, विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
प्रिया परिवारझुंझुनूं के रहने वाले सुरेंद्र ने 2002 में प्रिया परिवार के नाम से इनामी चिटफंड कंपनी बनाई। पूरे देश में कंपनी ने 287000 सदस्य बनाए थे। लोगों से 300 करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई। कंपनी में तेजपाल नूनिया, महेश भी निदेशक थे। कंपनी में सोमबीर, सत्यप्रकाश व सज्जन कुमार सर्किय सदस्य रहे। मेंबरशिप के लिए लोगों से 6800 रुपए जमा करवाए जाते थे। तीन साल बाद मेच्योरिटी होने पर 25 हजार रुपए का वायदा किया था। शेखावाटी के अलावा देश के कई शहरों में स्कीम शुरु की गई। आयकर विभाग में सालाना टर्नओवर 260 करोड़ रुपए बताया गया था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर 2011 में कंपनी के सभी आफिस बंद हो गए। 2014 में राजस्थान के अलावा हरियाणा में कंपनी के खिलाफ 50 से अधिक मुकदमे दर्ज कराए थे।
गोल्ड सुख
सोने में निवेश करने के नाम पर दोगुनी रकम का झांसा देकर 3 लाख लोगों से ठगी कर ली। कंपनी संचालकों ने करीब 500 करोड़ रुपए बटोर लिए थे। कंपनी में नरेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह व प्रमोद शर्मा संचालक थे। कंपनी का मुख्य प्रबंधक कौशलेंद्र सिंह था। संचालकों ने 12 दिसम्बर 2008 को रजिस्ट्रोन कराने के बाद चार स्कीमों के तहत लोगों को फंसाना शुरु किया। ठगी का मामला सामने आने के बाद जयपुर के अलावा सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर और बारां में भी पुलिस ने छापा मारा था। संचालकों ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों व पुलिस अधिकारियों को भी झांसे में लेकर निवेश करवाया था। निदेशक नरेंद्र सिंह व पत्नी सरोज के इंटरपोल की मदद से पकड़ा गया था।
क्लासिक क्रिएशन
ओम जयसवाल ने क्लासिक क्रिएशन के नाम से चिटफंड फर्म बनाई थी। सौ करोड़ रुपए से अधिक की ठगी कर कानपुर का नटवरलाल ओम जयसवाल ने सीकर, जयपुर के अलावा राजस्थान में भी लोगों को ठगा। उत्तरप्रदेश में ठगी के बाद वह राजस्थान में आकर काम करने लगा। वह चेन सिस्टम बनाकर लोगों को लोन देने का काम करता था। फर्जी तरीके से कई लोगों की प्रापर्टी भी बेच डाली। उत्तरप्रदेश की पुलिस ने उसे मुर्दा मान लिया था। सीकर पुलिस ने 40 लाख रुपए की ठगी की रिपोर्ट में उसे तलाश कर लिया। इसके बाद जयपुर पुलिस ने उसे कई मामलों में गिरफ्तार किया। बाद में उसे उत्तरप्रदेश पुलिस पकड़ कर ले गई।
डेली डायमंड
डायमंड व सोने में निवेश के नाम पर सीकर, चूरु, झुंझुनूं, जयपुर, नागौर सहित राजस्थान के अन्य जिलों में 30 हजार लोगों से 300 करोड़ रुपए की ठगी हुई। चौंमू निवासी बृजमोहन ने अपने भाईयों राजमोहन, कृष्ण व दिनेश के साथ मिलकर डेली डायमंड कंपनी की शुरुआत की। कंपनी ने 3000, 6000,11 हजार, 21 हजार, 51 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक निवेश के प्लान बनाए। लोगों को 10 महीने में रुपए लौटा कर 25 प्रतिशत तक मुनाफ देने की बात कहीं। समय पूरा होने पर रुपए मांगने शुरु किए तो कंपनी निदेशकों ने चेक दे दिए। करीब 300 लोगों के चेक भी बाउंस हो गए। पुलिस ने बृजमोहन को गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
27 Aug 2019 05:08 pm

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