
सीकर. नश्तर चुभोती सर्द हवाएं, सर्दी से बचने के तमाम उपाय बौने साबित होते, सूरज और बादलों की लुकाछिपी। उत्तर पूर्वी हवाएं चलने के कारण जिला फिर कडाके की सर्दी की चपेट में आ गया। बुधवार को फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 1.3 किमीप्रति घंटे की रफ्तार की गति से हवाओं ने धूजणी छुटा दी।
जनजीवन बेहाल
पारा जमाव बिन्दु से नीचे जाने के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई जब उनके दैनिक काम प्रभावित हुए। गलन बढऩे के कारण स्कूली बच्चे कंपकंपाते रहे।
सर्द हवा से गिरा पारा
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी व सर्द हवाएं चलने के कारण पारे में गिरावट आई। कई इलाकों में सुबह आंशिक कोहरा छाया रहा। दिन का तापमान यथावत रहने से मावठ के आसार नजर आए।
गिरते तापमान ने बढ़ाया स्वाइन फ्लू का खतरा
मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव ने आमजन को स्वाइन फ्लू की चपेट में लेना शुरू कर दिया है। स्वाइन फ्लू के वायरस के स्टेन चेंज करने के कारण अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज आने लगे हैं। सरकारी लैब से रोजाना दो दर्जन से ज्यादा नमूनों को जांच के लिए जयपुर भेजा रहा है। जिले में एक साल में 98 स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव सामने आ गए हैं।
बुजुर्गों को खतरा
डायबिटीज,फेफड़े, हार्ट, लीवर, किडनी या अन्य कोई बीमारी है, जिसकी वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें खतरा अधिक है। इसके साथ ही बुजुर्गोँ, गर्भवती महिलाओं और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों भी जल्दी चपेट में आ सकते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि इन सभी को वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य है।
नहीं है एंटीबॉडीज
मिशिगन स्ट्रेन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बिलकुल नया है, इसलिए एंटीबॉडीज डेवलप नहीं हो पा रही है, हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। स्वाइन फ्लू के मिशिगन स्ट्रेन की मौजूदगी देश में वर्ष 2016 में पता लगी थी।
Published on:
03 Jan 2018 12:44 pm
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