
statue of unity
पिलानी (झुंझुनूं). गुजरात के नर्मदा नदी के तट पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटले की मूर्ति (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी) 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को समर्पित कर दी। दुनियाभर में सबसे ऊंची प्रतिमा का खिताब प्राप्त करने वाले स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की चर्चा हर किसी की जुबान पर है।
इस बीच राजस्थान में भी ऐसी प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है, जिसे विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि राजस्थान के उदयपुर जिले में बन रही यह प्रतिमा भगवान शिव की है। फिलहाल उदयपुर के नाथद्वारा के पास इसका निर्माण चल रहा है।
351 फीट ऊंची यह प्रतिमा भगवान शिव की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। यह जानकारी राजस्थान के ख्यात मूर्तिकार पिलानी निवासी मातूराम वर्मा ने दी। मातूराम वर्मा ने बताया कि उनके द्वारा उदयपुर के पास में विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा निर्माण किया जा रहा है जिसकी लम्बाई 351 फीट है। इसके अलाव भी मातूराम दिल्ली सहित कई जगह विशाल प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं।
Statute of Unity में पिलानी का योगदान
-गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी) के निर्माण में पिलानी का भी विशेष योगदान रहा है।
-लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को मूर्त रूप देने के लिए गगन चुम्बी मूर्ति बनाने वाले कलाकारों की एक सलाहकार समिति का गठन किया गया था।
-सलाहकार समिति में पिलानी निवासी ख्यात मूर्तिकार मातूराम वर्मा व उनके बेटे नरेश वर्मा को भी बीस सदस्यों के सलाहकार बोर्ड में शामिल किया गया था।
-मातूराम वर्मा ने बताया, विशाल प्रतिमा का निर्माण बड़ी चुनौती थी। सलाहकार कमेटी ने प्रतिमा निर्माण प्रक्रिया आदि को लेकर चैन्नई व हैदराबाद सहित देश के कई शहरों में बैठक हुई।
-बैठक में प्रतिमा के विभिन्न पक्षों की समीक्षा करते हुए मापदण्डों का निर्धारण किया गया। मातूराम ने बताया कि प्रतिमा का निर्माण ख्यात कम्पनी लार्सन एंड ट्रुब्रो की ओर से किया गया है।
-प्रतिमा को चीन में तैयार किया गया है। प्रतिमा की स्कीन मेटल की बनाई गई है, जबकि अन्दर का हिस्सा आरसीसी से बनाया गया है। प्रतिमा को गुजरात के बड़ौदा में एसेम्बल किया गया है।
Published on:
01 Nov 2018 11:39 am

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