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नई तकनीक से फूलों की खेती कर कमा रहे मुनाफा

जयपुर जिले के जमवारामगढ़ उपखंड सहित क्षेत्र के ग्राम माथासूला, गोपालगढ़ सामरेड़ कलां, समारेड़ खुर्द, भानपुर कलां, निंबी, सांऊ व टोडा बालोद के किसान फूलों की अलग-अलग किस्मों की जैविक खेती करने के प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। यहां के किसान प्रत्येक वर्ष फूलों की अलग-अलग किस्में लगाकर कम खर्चे पर लाखों रुपए की शुद्ध आय प्राप्त कर रहे हैं। इसके लिए फूलों की खेती करने के तरीकों में बदलाव कर नई तकनीक विकसित की है।

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Kanchan Arora

Aug 24, 2023

नई तकनीक से फूलों की खेती कर कमा रहे मुनाफा

नई तकनीक से फूलों की खेती कर कमा रहे मुनाफा

सदाबहार फूलों से वर्ष भर लाभ
क्षेत्र के किसानों ने बताया, एक वर्ष में फूलों की कई किस्में लगाते हैं। वर्तमान में हजारा के फूलों का उत्पादन किया जा रहा है। इस किस्म का मई -जून से शुरू होकर नवंबर तक उत्पादन लिया जाता है। हजारे के फूलों का औसत भाव 50-60 रुपए प्रति किलो रहा है। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर माह में रोकड़ी व जाफड़ी नामक किस्में लगाई जाती हैं और मार्च-अप्रैल तक उत्पादन लिया जाता है। वहीं गुलाब और नवरंग, चांदनी गुलमोहर सहित कई सदाबहार फूलों से वर्ष भर लाभ लिया जा रहा है।

कई वर्षों से फूलों की खेती करते आ रहे हैं। एक वर्ष हजारा, रोखड़ी, गेंदा, गुलाब आदि किस्मों की खेती की जाती है। हर साल पांच से 10 बीघा में फूलों की खेती करते आ रहे हैं। इससे पूरे परिवार को रोजगार मिल रहा है। फूलों की खेती से कम समय में अन्य फसलों की तुलना में अच्छी बचत हो जाती है।
- प्रभात दरवान( किसान), सामरेड कलां

प्रत्येक वर्ष मई जून माह में हजारे के फूलों की एक किस्म दो बीघा कच्ची भूमि में लगाते है। यह फूल सितंबर माह तक चलते है। इन फूलों से प्रत्येक वर्ष करीब डेढ़ से दो लाख रुपए की आय प्राप्त होती है।
- एचएन मीना( किसान), माथासूला

- प्रहलाद जोगी