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पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित होगा अग्रोहा, हुआ एमओयू

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हिसार के अग्रोहा में स्थित महाराजा अग्रसेन ने मेडिकल काॅलेज में शोध के लिए महाराजा अग्रसेन के नाम पर चेयर और हिसार हवाई अड्डे पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की है। मनोहर

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पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित होगा अग्रोहा, हुआ एमओयू

पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित होगा अग्रोहा, हुआ एमओयू

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हिसार के अग्रोहा में स्थित महाराजा अग्रसेन ने मेडिकल काॅलेज में शोध के लिए महाराजा अग्रसेन के नाम पर चेयर और हिसार हवाई अड्डे पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की है। मनोहर लाल ने अग्रोहा स्थित पुरात्व स्थल को विकसित करने को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और हरियाणा पुरातत्व एवं सग्रहालय विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के अवसर पर ये घोषणाएं की।

इस समझौता ज्ञापन पर एएसआई के महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत और हरियाणा पर्यटन एवं विरासत विभाग के प्रधान सचिव एमडी सिन्हा ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हिसार हवाई अड्डे पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित की जाएगी और यह प्रतिमा समाज के सहयोग से निर्मित होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी के अनुरोध किए बिना भी उन्होंने हिसार में बनाए गए विश्व के सबसे बडे़ हवाई अड्डे का नामकरण महाराजा अग्रसेन के नाम पर किया है।

उन्होंने कहा कि मानव सभ्यताएं मुख्य रूप से नदियों के किनारे विकसित हुई और ऐसे प्रमाण मिले है कि सरस्वती नदी जो आदिबदरी (यमुनानगर) से निकलती है उसका प्रवाह हरियाणा से ही होकर जाता था। पहाडो में उत्खनन होने की वजह से नदी का प्रवाह दूसरी नदियों में चला गया होगा, लेकिन सैटेलाइट से ऐसे प्रमाण मिले है कि सरस्वती नदी हरियाणा के आदिबदरी से शुरू होकर राजस्थान, गुजरात होते हुए समुद्र में जाती है। इसी नदी के किनारे कई शहर बसे हुए थे, जिनमे से एक अग्रोहा शहर भी था। वह शहर आज दब गया है और यह शहर व्यापार का केन्द्र होता था।

मुख्यमंत्री ने कहा, फतेहाबाद का कुनाल, भिरढाना, बनावाली तथा हिसार के राखीगढ़ी भी सरस्वती के किनारे बसे स्थल रहे है।अग्रोहा पुरातत्व की दृष्टि से हमारे लिए महत्वपूर्ण स्थल है, जो दर्शाता है कि हमारी संस्कृति समृद्ध रही है और समाज को ऊंचा उठाने का काम तब भी हुआ है।