जबलपुर

किसानों की मेहनत रंग लाई, सब्जियों के दाम अब नहीं दुखदायी

जबलपुर की मंडी में स्थानीय सब्जियों की आवक तेज, कम होने लगे दाम दामों में मिलेगी राहत, मैथी, पालक और लालभाजी की अच्छी पैदावार  

less than 1 minute read
Nov 07, 2020
पेट्रोल-डीजल में लगी आग अब रसोईघर तक पहुंची महंगाई की मार

जबलपुर। सब्जियों के आसमान चढ़ते दामों से अब लोगों को राहत मिलने लगी है। स्थानीय किसानों सब्जियां थोक एवं फुटकर सब्जी मंडी में आने लगी हैं। अगले एक सप्ताह में शिमला मिर्च, करेला, लौकी, गिलकी, भटा, टमाटर जैसी सब्जियां सस्ती मिलेंगी। अलग-अलग प्रकार की हरी सब्जी बड़ी मात्रा में आने लगी है। शहर में बीते कुछ महीनों से सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे थे। लगभग सभी हरी सब्जियां 40 से 80 रुपए किलो के बीच बिक रही थीं। हरी सब्जियों की आवक कम होने के कारण इनकी कीमत भी ज्यादा होती है। ज्यादातर सब्जियां दूसरे प्रदेश एवं शहरों से आ रही थीं।
उत्पादन में तेजी
बढ़ती मांग को देखते हुए नए किसानों ने सब्जियों की खेती शुरू की है। ऐसे में रकबा और उत्पादन बढ़ गया है। पनागर क्षेत्र में इस सीजन में व्यापक पैमाने पर टमाटर, भटा और मिर्च, करेला, लौकी, गिलकी लगाई गई है। करेला की आवक तेज हो गई है। लौकी और गिलकी भी जल्द सब्जियों की दुकानों पर पहुंचेगी। मेथी, पालक और लालभाजी की फसल भी तैयार होने के कारण उसकी उपज भी बाजार में आ चुकी है। इनके दाम भी नीचे आ गए हैं। हरी सब्जी के रूप में मटर का भी व्यापक पैमाने पर उपयोग होता है। इसकी आवक शुरू हो गई है। हालांकि, अभी उतनी मात्रा में यह बाजार में उपलब्ध नहीं है। क्योंकि, कई जगह इसकी बोवनी हो रही है।

Published on:
07 Nov 2020 09:15 pm
Also Read
View All

अगली खबर