अगले दो वर्षों में वैश्विक बिजली की 70 प्रतिशत से अधिक मांग चीन, भारत और दक्षिणपूर्व एशिया से होगी।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आइइए) के अनुसार 2025 में एशिया, दुनिया की आधी बिजली का उपभोग करेगा। 'इलेक्ट्रिसिटी मार्केट रिपोर्ट 2023' के मुताबिक इस क्षेत्र में अधिकांश बिजली की सर्वाधिक खपत चीन में होगी, जो लगभग 140 करोड़ लोगों का घर है। 2015 में वैश्विक बिजली उपभोग में चीन की हिस्सेदारी एक-चौथाई थी, जो इस दशक के मध्य तक एक-तिहाई हो जाएगी। अगले दो वर्षों में वैश्विक बिजली की 70 प्रतिशत से अधिक मांग चीन, भारत और दक्षिणपूर्व एशिया से होगी।
आने वाले सालों में घटेगा कार्बन उत्सर्जन : वैश्विक बिजली की मांग औसतन तीन फीसदी की दर से प्रतिवर्ष बढ़ेगी। साथ ही बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी में छह फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। जैसे-जैसे अक्षय ऊर्जा का विस्तार होगा, कोयले और गैस पर आधारित बिजली उत्पादन में कमी आएगी। परिणामस्वरूप वैश्विक बिजली उत्पादन से होने वाला कार्बन उत्सर्जन कम होने लगेगा। ाणु और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत जैसे पवन और सौर ऊर्जा वैश्विक बिजली आपूर्ति को बढ़ाएंगे। इससे बिजली क्षेत्र में होने वाले ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन घटेगा।