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जन्मदिन- स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रान्तिकारी अमर शहीद राजगुरू

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में राजगुरू की शहादत एक महत्वपूर्ण घटना थी।

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Aug 23, 2015
birthday Shivaram Rajguru
शिवराम हरि राजगुरू इनको राजगुरू के नाम से भी जाना जाता है।
राजगुरू का जन्म 24 अगस्त 1908 को महाराष्ट्र के पुणे जिले में खेड़ा गांव में हुआ
था। राजगुरू भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रान्तिकारी थे। इन्हें भगत
सिंह और सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को फाँसी पर लटका दिया गया था। भारतीय
स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में राजगुरू की शहादत एक महत्वपूर्ण घटना
थी।

6 वर्ष की आयु में ही राजगुरू के पिता का निधन हो जाने से बहुत छोटी
उम्र में ही ये वाराणसी पढ़ने और संस्कृत सीखने आ गये थे। इन्होंने हिन्दू
धर्म-ग्रंन्थों तथा वेदो का अध्ययन तो किया ही लघु सिद्धान्त कौमुदी जैसा क्लिष्ट
ग्रन्थ बहुत कम आयु में क ण्ठस्थ कर लिए थे। इन्हें कसरत (व्यायाम) का बेहद शौक था
और छत्रपति शिवाजी की छापामार युद्ध-शैली के बडे प्रशंसक थे।

वाराणसी में
पढ़ाई के दौरान राजगुरू का सम्पर्क कई क्रान्तिकारियों से हुआ। राजगुरूचन्द्रशेखर
आजाद से इतने अधिक प्रभावित हुए कि उनकी पार्टी हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन
आर्मी से तत्काल जुड़ गये। आजाद की पार्टी के अन्दर इन्हें रघुनाथ के छद्म-नाम से
जाना जाता था। राजगुरू के नाम से नहीं। पण्डित चन्द्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह और
यतीन्द्रनाथ दास आदि क्रान्तिकारी इनके अभिन्न मित्र थे। राजगुरू एक अच्छे
निशानेबाज भी थे। साण्डर्स का वध करने में इन्होंने भगत सिंह तथा सुखदेव का पूरा
साथ दिया था जबकि चन्द्रशेखर आजाद ने छाया की भाँति इन तीनों को सामरिक सुरक्षा
प्रदान की थी।

23 मार्च 1931 को इन्होंने भगत सिंह तथा सुखदेव के साथ लाहौर
सेण्ट्रल जेल में फाँसी के तख्ते पर झूल कर अपने नाम को हिन्दुस्तान के अमर शहीदों
की सूची में अहमियत के साथ दर्ज करा दिया।
Published on:
23 Aug 2015 11:04 pm
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