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राजस्थान के इस पावर प्लांट की 600-600 मेगावाट की दोनों इकाइयां ठप, प्रदेश में बिजली संकट

Kalisindh Thermal Power Project घटिया कोयला कालीसिंध थर्मल को दे रहा झटके

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राजस्थान के इस पावर प्लांट की 600-600 मेगावाट की दोनों इकाइयां ठप, प्रदेश में बिजली संकट

राजस्थान के इस पावर प्लांट की 600-600 मेगावाट की दोनों इकाइयां ठप, प्रदेश में बिजली संकट

झालावाड़. प्रदेश के बिजलीघर पहले ही कोयले की कमी से जूझ रहे थे। घटिया कोयले की आपूर्ति से Kalisindh Thermal Power Project की पहली यूनिट तीन दिन से ठप है। दूसरी यूनिट पहले से बंद है। इस कारण थर्मल में पूरी तरह विद्युत उत्पादन ठप पड़ा है। गीले और घटिया कोयले की आपूर्ति से थर्मल प्रशासन परेशान है। इस बारे में उच्च स्तर पर आपत्ति भी दर्ज करवा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। इस कोयले का उपयोग करने से थर्मल को झटके लग रहे हैं।
थर्मल सूत्रों का कहना है कि कोल माइंस से गीला व मिट्टी युक्त कोयले की आपूर्ति हो रही है। इस कोयले का इस्तेमाल करने से थर्मल की पहली यूनिट मेें क्लिंकर फॉर्मेशन बनने के कारण खराबी आ गई है। इसके चलते पहली यूनिट को बंद करना पड़ा है। वहीं दूसरी यूनिट में भी हाईड्रोजन कूङ्क्षलग सिस्टम में खराबी आने से उसे भी मरम्मत के लिए बंद किया गया है। ऐसे में दूसरी यूनिट को सही होने में अभी करीब एक पखवाड़े का समय लग सकता है। थर्मल की इकाइयों के बार-बार खराब होने से करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।
दूसरी यूनिट को दुरुस्त करने में जुटे
थर्मल की दूसरी यूनिट का काम जीईपावर कंपनी कर रही है। यूनिट में हाइड्रोजन की खपत ज्यादा हो रही थी। इस यूनिट की ट्््यूब में कहीं पानी लीकेज हो रहा था। इसमें 84 कंडेक्टर होते हैं, ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल है कि पानी किस में से लीकेज हो रहा है। ऐसे में यहां इंजीनियरों के सुपरविजन में 15-20 तकनीकी कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में दिन-रात काम कर रहे हैं।

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