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बीपी से लेकर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने की दवाएं हुई महंगी, कीमतों में 10 से 20 फीसदी तक का इजाफा

- कोरोना काल में कुछ दवाओं की अचानक बढ़ी है मांग, कच्चे माल के दाम बढऩे से कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं दाम  

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ग्वालियर. पेट्रोल, रसोई गैस और खाने-पीने की तमाम चीजों की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ अब दवाओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। आम आदमी बीमारी से ज्यादा महंगी दवाओं के बोझ से कराह रहा है। कोरोना काल में नौकरी पेशा व्यक्ति की आय पर फर्क पड़ा है। वहीं दवाओं के बढ़ते दामों ने ऐसे परिवारों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। जानकारों के मुताबिक जरूरी दवाओं की कीमतों में 10 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। ब्लड प्रेशर से लेकर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने तक की दवाओं के दाम बढ़ चुके हैं। कंपनियों ने कच्चे माल के दाम बढऩे के कारण दवाओं के दामों में बढ़ोतरी कर दी है।

बैच बदलकर कमा रहे मुनाफा
दवा कंपनियां नए बैच नंबर के साथ दाम बढ़ाने का खेल करती हैं। बाजार में दवाओं की मांग बढ़ते ही नया बैच जारी कर दिया जाता है। हर बैच नंबर के साथ दो रुपए से लेकर पांच रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी जाती है।

ऐसे बढ़ गए दाम
- शुगर की दवा ग्लाइकोमेट जीपी-1 की कीमत 96.63 रुपए के बदले अब 106 रुपए की हो गई है।
- एनर्जी की दवा मेक्टोटल 165 रुपए से बढकऱ 181.50 रुपए हो गयी है।
- शुगर की दवा एमारिल-एम1 157.50 रुपए से बढकऱ 210.27 रुपए हो गयी है
- बीपी के लिए टेनवास एएम 64 रुपए से बढकऱ 69.75 रुपए की हो गई है।
- हार्ट की दवा इकोस्प्रिन गोल्ड-20 दवा 121 रुपए से बढकऱ 133.09 रुपए हो गयी है।
- प्रसव के बाद दी जाने वाली डुफा स्टोन-10 एमजी की कीमत 623 रुपए की जगह अब 672 रुपए हो गए हैं।
- खांसी की कोडिस्टार सीरप की कीमत 119 रुपए के बदले अब 131 रुपए है।

इनकी बाजार में शॉर्टेज
कोरोना सर्दी, खांसी-जुकाम से संबंधित कुछ दवाएं बाजार से गायब हो गयी हैं। इन दवाओं में मेडरोल टेबलेट, डोक्ससाइक्लिन कैप्सूल, कैलपोल पेरासिटामोल टेबलेट, फेबिफ्लू आदि शामिल हैं। बताया जाता है कि इन दवाओं को एकसाथ बड़ी मात्रा में सप्लाई करने के कारण बाजार में शॉर्टेज हो गयी है। इनके स्टॉकिस्टों की खरीद-बिक्री से इनका आंकलन किया जा सकता है।

सरकार को ध्यान देना चाहिए
पिछले कुछ दिनों में जरूरी दवाओं के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसे रोकने के लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए। दवाओं के दामों में 10 से 20 तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
- विष्णु सिंघल, अध्यक्ष, ग्वालियर केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन

वापस लौटाना पड़ता है मरीजों को
जरूरी दवाओं के महंगा होने के साथ कोरोना की कई दवाओं की बाजार में शॉर्टेज है। इसके चलते मरीजों को भी परेशानी हो रही है। इन दवाओं को लेने आने वाले मरीजों को वापस लौटाना पड़ता है।
- अनिल जैन, सचिव, ग्वालियर रीटेल मेडिकल ऐसोसिएशन