शहडोल. धनपुरी में बंद पड़ी यूजी माइंस में गुरूवार व शुक्रवार की दरमियानी रात पांच बदमाश कबाड़ चोरी करने की नियत से घुसे थे, जहां जहरीली गैस की रिसाव होने के कारण चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि खदान के बाहर रैकी कर रहा एक साथी सुरक्षित है। घटना रात कीरीब 11 से 12 बजे की बताई जा रही है। बघईया नाला के पास रहने वाले राज महतो 20 वर्ष, हजारी कोल 30 वर्ष, कपिल विश्वकर्मा 21 वर्ष, राहुल कोल 23 वर्ष व सिद्धार्थ महतो सभी लोगों ने एक बर्थडे पार्टी में शराब पीने के बाद योजना बनाकर खदान के अंदर कबाड़ व कोयला चोरी की नियत से घुसे थे जहां सिद्धार्थ को घबरहाट होने पर रैकी के लिए बाहर बैठा दिया गया था। जबकि चार लोग अंदर टार्च आरी व सब्बल लेकर घुस गए। अंदर घुसते ही कुछ देर बाद जब चारो युवकों का आहट आना बंद हुआ तो सिद्धार्थ को शक हुआ की अंदर कोई हादसा हो गया है। वह घर जाकर घटना की जानकारी परिजनों को दी, जहां सभी ने पहुंच कर पुलिस व प्रबंधन को सूचित किया। मौके पर पुलिस व कॉलरी प्रबंधन ने रेसक्यू कर चारो युवकों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। वहीं पलिस घटना पर मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सुबह कबाड़ बेच कर मनाई पार्टी
जानकारी के अनुसार सुबह हजारी कोल व कपिल विश्वकर्मा खदान से कबाड़ की चोरी कर अनूपर के राजा खान नामक कबाड़ी को 5 हजार रुपए में बेचा था। दिन भर उसी पैसे से सभी लोगों ने शराब पी व रात को एक बर्थडे पार्टी में शामिल होनेे के बाद सभी लोगों ने यूजी मांइस के भूमिगत खदान में चोरी करने की योजना बनाकर घुस गए, जो खदान से रिस रहे कार्बन मोनो ऑकसाइड गैस के रिसाव की चपेट आ गए।
घटना स्थल पर पहुंचे एसपी व कलेक्टर
धनपुरी यूजी माइंस में हुई घटना की खबर देर रात पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर को मिली। सूचना मिलते ही कलेक्टर वंदना वैद्य व एसपी कुमार प्रतीक के साथ अन्य अधिकारी घटना स्थल पहुंचे, जहां उन्होनें रात 12 से सुबह 5 बजे तक अपनी उपस्थिति में रेसक्यू कराकर मृतकों को बाहर निकलवाया। एसपी ने घटना के संबध में आगे की कार्रवाई करते हुए जांच के निर्देश दिए। वहीं सबुह एडीजीपी डीसी सागर घटना स्थल पहुंचकर जायजा लिया व एसपी को एसआईटी टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए।
कॉलरी प्रबंधन की लापरवाही आई सामने
एसईसीएल में यह कोई पहली घटना नहीं ओपन व भूमिगत खदान में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, बावजूद इसके कॉलरी प्रबंधन बंद पड़े खदानों को पूरी तरह व्यवस्थित नहीं कर पा रहा है। जिसके कारण कोयला व कबाड़ की चोरी करने के लालच में लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। एसईसीएल के जानकारोंं की माने तो भूमिगत खदान के मुहाड़े को करीब 200 मीटर गिट्टी व मिट्टी से भरकर कंक्रीट करने की प्रक्रिया होती है इसके बाद मुहाड़े के ऊपर बांउड्री बनाई जाती है। लेकिन कॉलरी प्रबंधन बंद खदानों में सिर्फ ऑपचिरकता निभा कर बंद कर देती है। जिसके कारण बदमाश उसे तोड़कर लोहा व कोयला की चोरी करने के लिए सुरंग बना लेते हैं। घटना स्थल यूजी मांइस के पास एक अनुपयोगी बंकर आज भी खड़ा हुआ है जिसका आधे से अधिक पार्टस को काट कर चुरा लिया गया है। अब सिर्फ बंकर का ढांचा खड़ा हुआ है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इनका कहना है
रात को घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर जाकर जांच की गई। मृतकों को रेसक्यू कराकर बहार निकाला गया है। कबाड़ माफियाओं पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कुमार प्रतीक, एसपी शहडोल
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पुलिस से जानकारी मिलते ही रात में एसईसीएल की रेसक्यू टीम के द्वारा करीब पांच घंटे तक रेसक्यू कर मृतकों को निकाला गया। खदान को पूरी तहर कंक्रीट कर दिया गया था। बदमाशों के द्वारा कबाड़ चोरी करने के लिए सुरंग बना लिया गया था।
सतीश चंद्रा, पीआरओ एसईसीएल