
First deputation in the university: 10 professors and 7 staff posted
शहडोल. पंडित शंभूनाथ शुक्ल कॉलेज से यूनिवर्सिटी में अपग्रेड होने के बाद पहली बार प्रोफेसर सहित अन्य कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गई। उच्च शिक्षा विभाग अवर सचिव वीरन सिंह भलावी ने एक साल के लिए प्रोफेसर्स और अन्य कर्मचारियों को पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी में पदस्थ किया है। इसमें ७ प्रोफेसर, ३ सहायक प्रोफेसर और ७ कर्मचारियों को पदस्थ किया है। इसमें कई प्रोफेसर और कर्मचारी पंडित शंभूनाथ शुक्ल कॉलेज से प्रतिनियुक्ति पर यूनिवर्सिटी के लिए स्थानांतरित किया है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ अनिल सक्सेना को यूनिवर्सिटी का परीक्षा कंट्रोलर बनाया गया है। यूनिवर्सिटी बनने के बाद पहली बार प्रोफेसरों और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मानें तो जल्द ही अन्य प्राध्यापक और सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए पदस्थापना की जाएगी। यूनिवर्सिटी बनने के बाद कुलपति डॉ मुकेश तिवारी ने प्राध्यापकों की पदस्थापना के लिए पत्राचार किया था। जिसको मद्देनजर रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने पदस्थापना की है।
इन प्राध्यापक और कर्मचारियों की पदस्थापना
डॉ अनिल सक्सेना को बुढ़ार से परीक्षा नियंत्रक शहडोल बनाया है। डॉ ऋषि कुमार तिवारी आदर्श कॉलेज रीवा से शहडोल, डॉ भरतशरण सिंह, डॉ प्रमोद कुमार पांडेय, डॉ करूणेश झा, डाू कौशलेन्द्र कुमार, डॉ आशीष तिवारी, डॉ गीता सराफ, डॉ शिवकुमार दुबे, डॉ संतोष मिश्रा को शहडोल यूनिवर्सिटी में पदस्थ किया है। इसी तरह केएस बघेल मुख्य लिपिक, कमलभान सिंह, अंजनी कुमार साहू, रामप्रताप कोल प्रयोगशाला शिक्षक, अजीत कुमार साहू, अजय कुमार साहू को पदस्थ किया है।
यूनिवर्सिटी में पहली प्रतिनियुक्ति की गई है। इसमें ७ प्रोफेसर, ३ सहायक प्रोफेसर और ७ कर्मचारियों को पदस्थ किया गया है। डॉ अनिल सक्सेना को परीक्षा कंट्रोलर बनाया गया है। जल्द ही अन्य प्राध्यापकों की पदस्थापना भी होगी।
डॉ. मुकेश तिवारी, कुलपति, पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी, शहडोल।
परीक्षा सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी पहली प्राथमिकता
संभाग की पहली यूनिवर्सिटी के पहले परीक्षा कंट्रोलर डॉ अनिल सक्सेना ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि परीक्षा सिस्टम में ट्रंासपेरेंसी पहली प्राथमिकता होगी। अलग अलग पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं को समय पर आयोजित करने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। कई मर्तबा लेटलतीफी की समस्या आती थी। कॉलेज के दौरान समय पर रिजल्ट और माइगेशन समय पर न मिलने के सवाल पर कंट्रोलर का कहना है कि शैक्षणिक सत्र के शुरूआत से ही सभी परीक्षाओं को लेकर प्लानिंग तय की जाएगी। इससे छात्र छात्राओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा परीक्षा सिस्टम से जुड़े फार्म, परीक्षाओं की तिथि और आवेदन को डिजिटलाइजेशन करने का प्रयास किया जाएगा। इससे छात्र छात्राओ को काफी सहूलियत भी मिलेगी।
Published on:
10 Dec 2017 03:35 pm
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