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भगवान भी स्वयं भक्तों के दुख हरने धरा पर पहुंचते हैं

विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत उमराड़ी में 19 मार्च से प्रारंभ हुई भागवत कथा के दूसरे दिन ब्रजधाम गोकुल मथुरा से पधारे भगवताचार्य सतीष शास्त्री महाराज

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Shrikrishna Janmotsav,Bhagwat Katha

God even gives relief to devotees

जुन्नारदेव. विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत उमराड़ी में 19 मार्च से प्रारंभ हुई भागवत कथा के दूसरे दिन ब्रजधाम गोकुल मथुरा से पधारे भगवताचार्य सतीष शास्त्री महाराज ने धु्रव चरित्र एवं उनकी भक्ति की कथा का वर्णन किया।
इस दौरान भगवताचार्य द्वारा धु्रव की भक्ति की चरम सीमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि भक्त धु्रव भगवान हरि की भक्ति में इस प्रकार लीन हो गए थे कि उन्हें सिर्फ ईष्वर के सिवाय कुछ भी नजर नहीं आता था अपनी तपस्या में एकाग्रचित होकर लीन हुए अपने भक्त की भक्ति को देखकर भगवान श्री हरि स्वयं धरा पर आकर अपने भक्त की कुशलता देखने पहुंचे। श्री हरि द्वारा अपने भक्त की इस भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें जीवन पर्यन्त अपनी भक्ति का आशीर्वाद प्रदान किया गया। भगवताचार्य ने बताया कि भगवान सदैव ही भक्ति के वश में बंधे रहते है और वे अपने भक्तों के सुख-दुख में सदैव ही उनके साथ होते है। इस कलयुग में भगवान की भक्ति ईष्वर को प्राप्त करने का सबसे सरल साधन है। कलयुग रूपी सर्प से मुक्ति पाने का सबसे सरल मार्ग भागवत कथा का श्रवण बताया गया है जो इस कलयुग में भागवत कथा का श्रवण करता है ईश्वर उसके सभी दुखों का हरण कर लेते है और वह मानव साक्षात् ईश्वर की कृपा का भागी बनता है। इसलिए कलयुग में धर्म और मानवता को सबसे अधिक श्रेष्ठ बताया गया है वहीं भागवत कथा का श्रवण भी भव सागर से तारता है और मनुष्य भागवत कथा का श्रवण कर अपना परलोक सुधारता है। भागवत कथा का श्रवण करने के लिए उमराड़ी सहित दूर दराज के ग्रामीण अंचलों से भी ग्रामीणजन पहुंच रहे है।
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हितग्राहियों को दिलाएं लाभ
पांढुर्ना . 24 मार्च को कृषि उपज मंडी में आयोजित पं दीनदयाल अन्योदय मेले के लिए सभी विभाग प्रमुखों को स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार- प्रसार करने के निर्देश दिए। एसडीएम दीपक कुमार वैद्य ने टी एल की बैठक में विभाग प्रमुखों को निर्देषित करते हुए कहा कि उत्साह के साथ अपने अपने विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी दे साथ ही अधिक से अधिक लोगों को पात्रता अनुसार योजनाओं का लाभ दिलाएं। सभी विभागों को स्टॉल लगाकर योजनाओं के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए है। बैठक में सभी विभाग प्रमुखों को विद्युत बिलों का भुगतान करने के लिए कहा। पीएचई विभाग को भंदारगोंदी की पानी की टंकी को गिराने के लिए निर्देश दिए। साथ ही जितने भी सरकारी कार्यालय जीर्ण षीर्ण हालत में है उनकी जानकारी बनाने और उन्हें गिराने के लिए कहा गया है।