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डीटीएच सेवाओं के लिए जीसैट-31 का प्रक्षेपण 5 फरवरी को

देश में डीटीएच सेवाओं के निर्बाध प्रसारण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 5 फरवरी को उन्नत संचार उपग्रह जीसैट-31 का प्रक्षेपण करेगा। इस उपग्रह को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के रॉकेट एरियन-5-वीए-247 से फ्रेंच गुयाना स्थित कौरू प्रक्षेपण स्थल से लांच किया जाएगा।

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डीटीएच सेवाओं के लिए जीसैट-31 का प्रक्षेपण 5 फरवरी को

इनसैट-4सीआर की जगह लेगा जीसैट-31
फ्रेंच गुयाना के कौरू प्रक्षेपण स्थल से होगा लांच
बेंगलूरु. देश में डीटीएच सेवाओं के निर्बाध प्रसारण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 5 फरवरी को उन्नत संचार उपग्रह जीसैट-31 का प्रक्षेपण करेगा। इस उपग्रह को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के रॉकेट एरियन-5-वीए-247 से फ्रेंच गुयाना स्थित कौरू प्रक्षेपण स्थल से लांच किया जाएगा।
इसरो के उच्च पदस्थ अधिकारियों के मुताबिक उपग्रह प्रक्षेपण के लिए कौरू प्रक्षेपण स्थल पर पहुंच चुका है, जहां तैयारियां चल रही हैं। जीसैट-31 उपग्रह देश में डीटीएच टेलीविजन सेवाएं, वीडियो पिक्चर ट्रांसमिशन (वीपीटी) और डिजिटल उपग्रह समाचार संग्रहण (डीएसएनजी) आदि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसरो ने इसके लिए इनसैट 4-सीआर उपग्रह का प्रक्षेपण 2 सितम्बर 2007 को किया था लेकिन, अब इस उपग्रह की सेवा अवधि जनवरी माह में पूरी हो जाएगी।

इसरो अध्यक्ष के.शिवन ने कहा कि जीसैट-31 की समय पर लांचिंग बेहद आवश्यक है क्योंकि यदि यह निर्धारित समय पर नहीं भेजा गया तो देश में टेलीविजन प्रसारण जैसी सेवाएं बाधित हो सकती हैं। इस उपग्रह को ‘आई-2-के’ संरचना में इसरो ने तैयार किया है और इसे 48 डिग्री पूर्वी देशांतर में स्थापित किया जाएगा।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने अब तक इसरो के 22 संचार उपग्रहों का प्रक्षेपण किया है। जीसैट-31 यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा लांच किया जाने वाला 23 वां संचार उपग्रह होगा। यूरोपीय एजेंसी ने इसरो के साथ कुल 24 संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए अब तक करार किया है। एरियन-5 से लांच होने वाला इसरो का अगला और संभवत: आखिरी उपग्रह जीसैट-30 होगा।

जीसैट-30 उपग्रह भी देश में टीवी प्रसारण के लिए बेहद आवश्यक है जो इनसैट-4 ए की जगह लेगा। इनसैट-4 ए का प्रक्षेपण एरियन रॉकेट से 22 दिसंबर 2005 को किया गया था और उसकी सेवा अवधि भी अब खत्म होने के करीब है। इनसैट-4 ए के स्थानापन्न उपग्रह के तौर पर जीसैट-30 का प्रक्षेपण इसी साल अगस्त महीने तक एरियन-5 रॉकेट से ही किया जाएगा।