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विधायक ट्रांसफर-पोस्टिंग की सिफारिश में लगे रहते हैं…इसलिए नहीं मिल रहे सभी अस्पतालों को डॉक्टर

जयपुर

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Vikas Jain

Feb 19, 2026

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि राजस्थान पोर्टल से अब डॉक्टरों और कर्मचारियों की पोस्टिंग करने का काम शुरू हुआ है। इसमें किसी की पंचायती नहीं चलेगी। अभी 25 हजार नर्सिंग कर्मियों को पोस्टिंग इसी से दी है। पीजी करके आए 1 हजार डॉक्टरों को जहां पद खाली थे या जरुरत थीं, वहीं लगाया गया है। कई विधायको की इनकी संशोधित पोस्टिंग की सिफारिशें आ रही है। विधायक अस्पतालों में डॉक्टर नहीं होने की शिकायत करते हैं, लेकिन अगर वे पोस्टिंग की सिफारिशें करना बंद कर दें तो उनका वादा है कि किसी भी अस्पताल में डॉक्टर का पद खाली नहीं रहने देंगे। बुधवार को विधानसभा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग की मांगों पर चर्चा के बाद सदन में जवाब के दौरान उन्होंने यह बात कही।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि हाल ही में चिकित्सा विभाग की ओर से करीब एक हजार एपीओ डॉक्टरों को प्रदेश भर के अस्पतालों में रिक्त पदों पर पोस्टिंग दी गई है। उसके बाद से ही विधायकों की सिफारिशें डॉक्टर की पसंद वाले स्थानों के लिए आ रही है। उन्होंने संदेश दिया की सिफारिश की यह प्रवृत्ति बंद हो जाए तो डॉक्टरों की कोई कमी राज्य के सरकारी अस्पतालों में नहीं आएगी।

कांग्रेस ने भामाशाह योजना के कपड़े बदले

खींवसर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय निशुल्क इलाज को भामाशाह योजना लाई गई। कांग्रेस ने इसके कपड़े बदले और इसका नाम चिंरजीवी योजना कर दिया। अब सरकार ने इसमें नए नवाचार जोड़े हैं। मां योजना से 88 फीसदी प्रदेश के लोग बीमा से निशुल्क इलाज को कवर होते हैं। प्रति परिवार 850 रूपए में बीमे से फ्री इलाज दे रहे हैं। जबकि बीमे के सरकार प्रति परिवार 2370 रूपए वहन करती है। बीमित व्यक्ति सरकारी ही नहीं पसंद के प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सकता है। बड़े प्राइवेट अस्पतालों का 70 फीसदी टर्नओवर इसी योजना से है। रोबोटिक सर्जरी, इम्प्लांट भी फ्री इससे हो रहे हैं।