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राजस्थान फीडर अपग्रेड: काम शुरू, सप्लाई पर दिखेगा असर, नहरों में पानी होने से 15 अप्रेल तक रहेगी नियमित आपूर्ति

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग चूरू के अनुसार राजस्थान फीडर की आंशिक बंदी के दौरान नहरों में पानी रहेगा इसलिए 15 अप्रेल तक पीने के पानी की दृष्टि से नहरी परियोजना से क्षेत्रों में जलापूर्ति नियमित रहेगी।

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alternate days assembly wise water supply plan gwalior mp news

alternate days assembly wise water supply plan gwalior (फोटो सोर्स- Freepik)


चूरू. पंजाब राज्य से निकलने वाली नहर से पानी की जानेवाले आपूर्ति अब करीब एक माह तक प्रभावित रहेगी। राजस्थान फीडर की रिलाइनिंग के शेष रहे कार्यों को पूर्ण करने सहित रखरखाव के होने वाले कार्यों के कारण नहर परियोजनाओं से जुड़े चूरू और शेखावाटी में नहर बंदी के पड़ने वाले असर को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जलापूर्ति के लिए रोड मैप तैयार कर लिया है। जिससे योजनाओं से जुड़े क्षेत्रों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित रहेगी।

पंजाब सरकार ने जारी की अधिसूचना

पंजाब सरकार के राजपत्र के क्रम राज्य के सिंचाई विभाग पंजाब सरकार की ओर से 20 मार्च को जारी की अधिसूचना अनुसार जल निकासी अधिनियम अन्तर्गत अधिसूचित किया गया है कि राजस्थान फीडर की रिलाइनिंग के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए राजस्थान फीडर 27 मार्च से 10 मई तक 45 दिनों की अवधि के लिए बंद रहेगा। जल संसाधन विभाग के अनुसार 27 मार्च से आंशिक बंदी शुरू कर दी गई है।

15 अप्रेल तक जलापूर्ति रहेगी नियमित

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग चूरू के अनुसार राजस्थान फीडर की आंशिक बंदी के दौरान नहरों में पानी रहेगा इसलिए 15 अप्रेल तक पीने के पानी की दृष्टि से नहरी परियोजना से क्षेत्रों में जलापूर्ति नियमित रहेगी। इसके बाद जलापूर्ति के लिए तैयार किए रोड मैप अनुसार जिले में जलापूर्ति की जाएगी। पीने के नहरी पानी से जुड़े जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी उपलब्ध रहे, इस तरह की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।

जिले में कई गांव और ढाणियों में रहती है समस्या

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (Public Health and Engineering Department) के अनुसार जिले में करीब 250 गांव और 54 ढाणियों में पीने के पानी की समस्या रहती है। बताया जाता है ये गांव जल परियोजना से जुड़े हुए है। इन गांवों के प्रोजेक्ट अनुसार अभी कार्य चल रहा है। कार्य पूर्ण होने तक जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार ग्रीष्मकाल, नहरबंदी के दौरान बाधित पेयजल आपूर्ति के आधार पर समस्त 10 शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तथा 321 गांव-ढ़ाणियों के चिन्हिकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जहां जलापूर्ति की व्यवस्था टैंकर आदि से किए जाने का प्रावधान है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तैयारी

- शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार टेंकरों जलापूर्ति की जाएगी।

- नहर बंदी के दौरान विभागीय अभियंताओं की ओर से रॉ वाटर जलाशयों एवं मुख्य पाइप लाइनों की नियमित मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग की जाएगी।

- नहर जल प्रवाह के समय सभी संबंधित को पानी की चोरी रोकने के लिए आवश्यक पुलिस जाप्ता मुस्तैद रहेगा।

- पेयजलापूर्ति की मुख्य पाइप लाइनों पर अवैध जल संबंध चिन्हित कर विच्छेद करनेवालों पर कार्रवाई की जाएगी।

- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्टाफ नियमित पर्यवेक्षण के लिए रहेगा तैनात

- पेयजल समस्या के निराकरण के लिए वृत एवं खंड स्तर पर कंट्रोल रूम किए स्थापित

इनका कहना है

जल परियोजना से जुड़ेडेमों में नहरी पानी का भण्डारण कर लिया गया है। नहरों में अभी पानी है इसे लिए 10 अप्रेल तक जल नियमित मिलता रहेगा। नहर बंदी के दौरान जलापूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है। टेंकरों के लिए निविदा जारी कर दी गई है। गर्मियों में जलापूर्ति की समस्या नहीं आए इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई है। चुन्नीलाल, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग चूरू