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IG मुनीर अहमद खान, जिनकी टीम से खौफ खाते हैं कश्मीर के खूंखार आतंकी

मुनीर खुद को शांति का प्रेमी मानते हैं।

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मुनीर अहमद खान कश्मीर जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी )हैं। उन्होंने यह पद तब संभाला, जब कश्मीर की गलियों में प्रदर्शन की बाढ़ थी। फिर भी पद पर नियुक्त होने के बाद उन्होंने कहा था कि कश्मीर की परिस्थितियां उतनी भी खराब नहीं हैं, जितनी कि दर्शाई जाती हैं। उनका मानना है कि कश्मीर के लोग प्रगति और समृद्धि की ओर जितना ज्यादा बढ़ेंगे, उतनी ही ज्यादा यहां शांति की स्थापना होगी। मुनीर खुद को शांति का प्रेमी मानते हैं। उनका कहना है कि वे एक आईजीपी की तरह नहीं, बल्कि उस आम नागरिक की तरह सोचते हैं, जो तमाम विद्यार्थियों, व्यापारियों, पर्यटकों और राज्य के सभी लोगों के लिए चिंतित है। कश्मीर जोन के आईजीपी पद पर आने के बाद मुनीर खान विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े ऑपरेशनों और गतिविधियों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं, जो कि कश्मीर में पुलिस विभाग समय-समय पर उनके नेतृत्व में करता रहता है।

भाई हैं डिविजनल कमिश्नर
इसी वर्ष मई माह में मुनीर कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर नियुक्त हुए थे। जबकि उनके जुड़वा भाई सरदार बशीर अहमद पहले से कश्मीर के डिविजनल कमिशनर हैं। कश्मीर पुलिस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब में दो भाइयों ने एक ही समय में महत्वपूर्ण पद संभाला है।

कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे
मुनीर खान ने पुलिस विभाग में कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं। वे इससे पहले एसएसपी श्रीनगर, एसएसपी बारामुला, एसएसपी अनंतनाग और एसएसपी डोडा रह चुके हैं। उनके जानने वालों का कहना है कि मुनीर काफी सामाजिक हैं और उन्हें लोगों से साथ उठना-बैठना पसंद है। उनके जानने वाले मुनीर को यारों का यार कहते हैं। उनकी पढ़ाई श्रीनगर के अमर सिंह कॉलेज से हुई हैं। मुनीर के पास सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री है।

युवाओं पर फोकस
कश्मीर जोन का आईजी नियुक्त होने के बाद उन्होंने खासतौर से कश्मीर के युवाओं को संबोधित किया। तब उन्होंने कहा था कि युवाओं को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। पढ़ाई के बिना कोई भी जिंदगी में आगे नहीं बढ़ सकता। चाहे उसे खिलाड़ी बनना हो या किसी भी प्रोफेशन में जाना हो। मुनीर ने कहा था कि पत्थरबाजी जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों का भविष्य खराब कर रही हैं।

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इंटरनेट सेवाओं पर बैन लगाया
जुलाई माह में मुनीर के निर्देश पर कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं पर बैन लगाया गया। हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के एक साल बाद प्रदर्शन के आह्वान पर ऐसा करना पड़ा था। मुनीर पढ़े-लिखे युवकों के आतंकी बनने के पीछे एक बड़ा कारण सोशल मीडिया को मानते हैं।

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