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दुनियाभर में गगनचुंबी इमारतों का सबसे बड़ा गढ़ हांग कांग

हांग कांग की आसमान छूती इमारतें स्थानीय अर्थव्यवस्था को ताकत देती हैं। यहां उच्च जनसंख्या घनत्व और सीमित भूमि क्षेत्र है, इसलिए ऊपर की ओर निर्माण करना व्यावहारिक समाधान है।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Nov 17, 2023

दुनियाभर में गगनचुंबी इमारतों का सबसे बड़ा गढ़ हांग कांग

दुनियाभर में गगनचुंबी इमारतों का सबसे बड़ा गढ़ हांग कांग

नई दिल्ली। दुनिया गगनचुंबी इमारतों के निर्माण में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। चीनी शहरों से लेकर दुबई, न्यूयॉर्क जैसे कई महानगर इस रेस में शामिल हैं। लेकिन विश्व में सर्वाधिक गगनचुंबी इमारतों का गढ़ हांग कांग हैं। काउंसिल ऑन टॉल बिल्डिंग्स एंड अर्बन हैबिटेट (सीटीबीयूएच ) के आंकड़ों के अनुसार इस महानगर में 150 मीटर से अधिक ऊंचाई की 552 गगनचुंबी इमारते हैं। शहर की शुरुआती सबसे ऊंची इमारतें होपवेल सेंटर और सन हंग काई सेंटर हैं, जो 200 मीटर से भी अधिक ऊंची हैं। ये दोनों इमारतें 1980 के दशक की शुरुआत में बनीं जिसके बाद आसमान छूती सैंकड़ों इमारतें खड़ी होती चली गईं।

शेंजेन, न्यूयॉर्क दूसरे और तीसरे स्थान पर:

हांग कांग की आसमान छूती इमारतें स्थानीय अर्थव्यवस्था को ताकत देती हैं। यहां उच्च जनसंख्या घनत्व और सीमित भूमि क्षेत्र है, इसलिए ऊपर की ओर निर्माण करना व्यावहारिक समाधान है। शहर एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र है, जिसकी वजह से यहां दफ्तरों और कमर्शियल स्पेस की मांग अधिक है। 150 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: चीनी शहर शेंजेन और अमरीका का न्यूयॉर्क हैं।

यूरोप को पसंद नहीं ये गुगनचुंबी इमारतें:

विश्व में सबसे ज्यादा गगनचुंबी इमारतें एशिया में हैं। 2021 तक इस क्षेत्र में 150 मीटर से अधिक ऊंची तैयार और निर्माणाधीन इमारतों की संख्या 5,000 से ज्यादा थी। उत्तरी अमरीका में यह संख्या लगभग एक हजार रही। लेकिन एशिया और अमरीका की तुलना में यूरोप में इन गगनचुंबी इमारतों की संख्या कम (400) है। इसकी एक वजह यूरोप का वास्तुकला से समृद्ध होना है, जिस पर उसे गर्व है। अपनी संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए यहां ऊंची इमारतों के निर्माण का विरोध होता रहा है, जो इसके शहरों को उनके ऐतिहासिक परिदृश्य से अलग कर सकती हैं।

आर्थिक अनिश्चितताओं ने रोक दी रफ्तार:

ऐसी इमारतें भले ही दुनियाभर के आकर्षण का केंद्र बनें लेकिन कोरोना महामारी के बाद आर्थिक अनिश्चितताओं से इनके निर्माण में कमी आने लगी है। 2020 में वैश्विक स्तर पर पूरी की गई ऊंची इमारतों की संख्या में 20 फीसदी की कमी आई। यह रुख चीन में सबसे ज्यादा स्पष्ट था, जहां सालों से टावर बहुत तेजी से ऊपर जा रहे थे। जानकार मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में किसी गगनचुंबी इमारत का मूल्यांकन उसके स्वरूप पर ही नहीं बल्कि कार्बन उपयोग के आधार पर भी होना जरूरी है। ये इमारतें प्रदूषण का बोझ बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

शहर जहां इमारतें आसमान छू रहीं
हांग कांग- 552 मीटर
शेंजेन - 390 मीटर
न्यूयॉर्क - 316 मीटर
दुबई - 258 मीटर
गुआंगझू - 190 मीटर
स्रोत: सीटीबीयूएच