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2030 में विश्व के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में होगा चीन, भारत का जलवा

रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट भारत होगा। यहां 77 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता होंगे जिनमें सर्वाधिक लगभग 46 प्रतिशत की आश्चर्यजनक बढ़ोतरी होगी।  

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जयपुर

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Kiran Kaur

Feb 12, 2024

2030 में विश्व के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में होगा चीन, भारत का जलवा

2030 में विश्व के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में होगा चीन, भारत का जलवा

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए उपभोक्ता महत्त्वपूर्ण हैं। उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा जमावड़ा आने वाले सालों में चीन और भारत में होगा। विजुअल कैपिटलिस्ट के डाटा अनुसार 2030 तक चीन में एक अरब से अधिक उपभोक्ता होने की संभावना है, जो कि 2024 की तुलना में 24 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है। वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट भारत होगा। यहां 77 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता होंगे जिनमें सर्वाधिक लगभग 46 प्रतिशत की आश्चर्यजनक बढ़ोतरी होगी।

वैश्विक अर्थवस्था पर व्यापक होगा प्रभाव:

बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के कारण वैश्विक मध्यम वर्ग के उदय से इस क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय खर्च करने की क्षमता बढ़ जाएगी। भारत और चीन में लगभग दो अरब का यह मजबूत उपभोक्ता बाजार वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। ऐसे में व्यवसाय इन बाजारों पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे, उच्च गुणवत्ता वाले अनुकूलित उत्पादों की पेशकश होगी और विभिन्न विपणन रणनीतियां अपनाई जाएंगी।

सभी देशों में नहीं बढ़ेगा उपभोक्ता आधार:

डाटा स्रोतों में विश्व बैंक, यूएन, यूरोस्टेट और ओइसीडी शामिल हैं। जिसमें रोजाना कम से कम 1,000 रुपए खर्च करने वाले को उपभोक्ता माना गया है। शीर्ष 10 उपभोक्ता बाजारों में अधिकांश एशियाई देश शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर सभी देशों में उपभोक्ता आधार बढ़ने की संभावना नजर नहीं आती। जैसे रूस और जर्मनी के स्थिर रहने की उम्मीद है। जबकि जापान घटती जनसंख्या के कारण दशक के अंत तक 36 लाख उपभोक्ताओं को खो देगा। अन्य सिकुड़ते मार्केट में इटली, पुर्तगाल, बुल्गारिया और ताइवान शामिल हैं।

सिल्वर कंज्यूमर क्लास में बढ़ोतरी का दौर:

दुनिया के लगभग सभी क्षेत्रों में 50 से अधिक आयु वर्ग में वृद्धि का दौर है। माना जा रहा है कि इस साल उपभोक्ताओं और खर्च में वृद्धि का लगभग आधा हिस्सा 50 या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों से आएगा। भारत या इंडोनेशिया जैसे देश जो अपेक्षाकृत युवा बाजार हैं, इस आयु वर्ग के भीतर खर्च में वृद्धि का बड़ा हिस्सा देखेंगे। 'द फ्लाइंग डचमैन' रिपोर्ट में भी दो वर्ष पहले अनुमान लगाया गया था कि अगले कुछ दशकों में दुनिया और विशेष रूप से एशिया में महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय बदलाव होंगे, जो उपभोक्ता बाजार की नई दिशा तय करेंगे।

वैश्विक उपभोक्ता बाजार का भविष्य
1. चीन- 100 करोड़
2. भारत- 77 करोड़
3. अमरीका- 35 करोड़
4. इंडोनेशिया- 16 करोड़
5. ब्राजील- 14 करोड़
स्रोत: विजुअल कैपिटलिस्ट
डाटा: 2030 (अनुमानित)