
किम ह्यूज ( ऑस्ट्रेलिया ) - ऑस्ट्रेलिया के तरफ से 70 टेस्ट और 97 एकदिवसीय मैच खेलने वाले किम ह्यूज को कप्तानी मिलने के तुरंत बाद ही उनके पद से हटा दिया गया था। इनके कप्तानी के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अधिकतर सीरीज विदेशी जमीन पर खेली थी। जहां पर टीम और कप्तान का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था। जिसके बाद मीडिया ने लगातार उनके खेल को लेकर सवाल उठाया, इसके चलते ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें बेहद कम समय में ही कप्तानी से हटा दिया।
सचिन तेंदुलकर ( भारत ) - एकदिवसीय और टेस्ट प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर जितने सफल खिलाड़ी थे ,उतने ही असफल कप्तान साबित हुए। साल 1997 में श्रीलंका के खिलाफ हुए सीरीज में टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था जिसके बाद इन्हें कप्तानी से हाथ धोना पड़ा था। सचिन इस बात से काफी निराश थे। अपने ऑटोबायोग्राफी में भी उन्होंने लिखा है कि मैं इस बात से काफी निराश था की सीरीज खत्म होने के बाद मुझे कप्तानी से हटा दिया गया ।इनके बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन को टीम का अगला कप्तान बनाया गया था।
रॉस टेलर ( न्यूजीलैंड ) - न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम में कप्तानी को लेकर ज्यादा उथल-पुथल कभी नहीं देखा गया। स्टीफन फ्लेमिंग ने सबसे लंबे समय तक इस टीम की कप्तानी की थी। एक समय बोर्ड ने जब टेलर को न्यूजीलैंड का कप्तान बनाया और उसके बाद जिस तरह से उन्हें इस पद से हटाया इस बात की चर्चा काफी दिनों तक होती रही ।टेलर को कप्तान से हटाने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट चीफ ने अपने बयान में कहा था हमें ऐसा महसूस हुआ कि एक युवा कप्तान पर काफी ज्यादा वर्क लोड अचानक दे दिया गया है। वही टेलर ने कप्तानी से हटाए जाने के बाद कहा था कि मुझे कोच माइक हेसन का उस तरह से सपोर्ट नहीं मिला जिसकी मैं उम्मीद कर रहा था।
एलिस्टर कुक ( इंग्लैंड ) - इंग्लैंड के तरफ से टेस्ट प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज एलिस्टर कुक के बल्लेबाजी क्षमता पर किसी भी तरह का सवाल उचित नहीं है। लिमिटेड ओवर क्रिकेट में उनका प्रदर्शन टेस्ट के बिल्कुल विपरीत रहा। एलिस्टर कुक की कप्तानी में 6 में से 5 सीरीज में इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा। अपने कप्तानी के दौरान एलिस्टर कुक ने 22 वनडे पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक ही लगा पाए। जिसके बाद से उन्हें हटाकर इयोन मोर्गन को टीम का कप्तान बनाया गया।इन्हीं कप्तानी में इंग्लैंड में 2019 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था।
विराट कोहली ( भारत ) - महेंद्र सिंह धोनी के लंबे समय तक लिमिटेड ओवर में कप्तानी करने के बाद विराट कोहली को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई थी।तीनों ही प्रारूप में भारतीय टीम ने इनकी कप्तानी में अच्छा प्रदर्शन किया ,लेकिन एक बार भी टीम को आईसीसी ट्रॉफी नहीं जितना पाए ।वही T20 वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने इस प्रारूप से कप्तानी छोड़ने का फैसला खुद ही किया था। इसी महीने विराट कोहली से एकदिवसीय प्रारूप की कप्तानी भी छीन ली गई है ।बीसीसीआई का कहना है लिमिटेड ओवर के दो प्रारूप के लिए दो कप्तान कहीं से उचित नहीं है |इसलिए विराट कोहली से कप्तानी लेकर रोहित शर्मा को यह जिम्मेवारी सौंपी गई है।
Published on:
16 Dec 2021 02:30 pm
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