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मीराबाई चानू ने ओलंपिक चैंपियन को हराकर जीता सिल्वर मेडल, चोट के चलते गोल्ड से चूकीं

mirabai chanu won silver: मीराबाई चानू ने कोलंबिया के बोगोटा में हुए वेटलिफ्टिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार जज्बा दिखाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। मीराबाई चानू के लिए ये टूर्नामेंट आसान नहीं रहा है, क्योंकि वह कलाई की चोट से जूझ रही थीं।

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weightlifting world championship 2022: टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट और स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कोलंबिया में हो रहे वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 49 किलो वेट कैटेगिरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। चानू ने यह मेडल 200 किलो वेट उठाकर अपने नाम किया है। वे कलाई की चोट की वजह से गोल्ड से चूक गईं। चानू स्नैच में 87 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वेट ही उठा पाईं। वहीं चीन की जियांग हुइहुआ ने 206 किलो वेट उठाकर गोल्ड जीता।

जियांग ने स्नैच में 83 किलो वेट और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वेट को उठाया। टोक्यो ओलिंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट होउ झिहुआ ने 198 किलो वेट (89 किग्रा+109 किग्रा) उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। 2017 विश्व चैंपियन चानू को सितंबर में एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान कलाई में चोट लग गई थी। उन्होंने अक्टूबर में चोट के साथ राष्ट्रीय खेलों में भी भाग लिया था। विश्व चैंपियनशिप में मीराबाई का यह दूसरा पदक था, इससे पहले उन्होंने 2017 में 194 किग्रा (85 किग्रा प्लस 109 किग्रा) भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता था।

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद मीराबाई चानू पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में भाग लिया। चानू का स्नैच सेशन काफी खराब रहा। उन्होंने पहले चांस में 84 किलो वेट उठाया। दूसरे चांस में उठाए गए 87 किलोवेट को असफल माना गया। हालांकि, भारत की ओर से इसे चैलेंज नहीं किया गया। जजों का मानना था कि दूसरे चांस में 87 किलो वेट उठाते वक्त उनका हाथ डगमगा गया था। ऐसे में मीरा ने तीसरे चांस में 90 किलो वेट की जगह 87 किलो वेट ही उठाया।

क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले चांस में 111 किलो वेट उठाया। पर इसे सही नहीं माना गया। भारत की ओर से चैलेंज किया गया था, पर फैसला बरकरार रहा। उन्होंने दूसरे चांस में 111 और तीसरे चांस में 113 वेट उठाया। उन्हें स्नैच कैटेगिरी में सिल्वर मेडल मिला, जबकि क्लीन एंड जर्क में गोल्ड।

वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल दोनों इवेंट के अलग-अलग के साथ ही ओवरऑल के भी दिए जाते हैं, जबकि ओलिंपिक में केवल ओवरऑल के मेडल मिलते हैं। मीराबाई के पेरिस ओलिंपिक के लिए राह आसान हो गई है। इस टूर्नामेंट में भाग लेने से इसका पॉइंट पेरिस ओलिंपिक के क्वॉलिफिकेशन में जुड़ेगा। पेरिस ओलिंपिक क्वॉलिफिकेशन के नियमों के तहत 2023 वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2024 वर्ल्ड कप के साथ ही तीन प्रतियोगिता में भाग लेना जरूरी है।