
टेस्ट क्रिकेट का शुरुआत 1877 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए मुकाबले से हुआ था। क्रिकेट के शुरुआती दिनों की अगर बात की जाए तो ज्यादातर मुकाबले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ही खेले जाते थे। इसके पीछे कारण यह था कि तब क्रिकेट की लोकप्रियता इतनी नहीं हुआ करती थी। लगभग 150 सालों से ये दोनों देश एक दूसरे के चिर प्रतिद्वंदी बने हुए हैं।
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1882 में टेस्ट सीरीज खेली जा रही थी, जिसमें ओवल के मैदान में होने वाले इस टेस्ट में इंग्लैंड जीता हुआ मुकाबला हार गया था। जिसके बाद ब्रिटिश मीडिया ने इस हार को बर्दाश्त न कर पाने के कारण लिखा था- इंग्लैंड में क्रिकेट की मौत हो चुकी है। उसकी चिता जलाने के बाद राख विजेता टीम आस्ट्रेलिया अपने साथ ले जा रही है। इसी सीरीज के बाद इंग्लैंड टीम ने ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाले सभी मुकाबले को इंग्लैंड के सम्मान के साथ जोड़ दिया।
क्या कहते हैं एशेज के आंकड़े
सन 1882 से अब तक इस सीरीज में 334 बार इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के टीम एक दूसरे के आमने सामने आ चुके हैं। जिसमें इंग्लैंड ने 106 और ऑस्ट्रेलिया ने 134 मैच में जीत दर्ज किया है। बाकी 90 मैच ड्रॉ पर छूटे हैं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज के कुल 70 सीरीज खेले गए हैं। जिसमें दोनों टीमों का प्रदर्शन लगभग बराबर रहा है।33 बार ऑस्ट्रेलिया ने तो 32 बार इंग्लैंड ने इसे अपने नाम किया है। एशेज सीरीज की मेजबानी इंग्लैंड ने 35 बार की है। इस दौरान हुए 163 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 48 व मेजबान इंग्लैंड ने 50 मैच में जीत दर्ज की।
एशेज सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड शेन वार्न के नाम है जिन्होंने 195 विकेट लिए हैं ।दूसरे नंबर पर नाम आता है ग्लेन मैकग्रा का जिनके नाम 157 विकेट है। इसके बाद ट्रंबल का नाम है जिन्होंने 141 विकेट झटके। चौथे नंबर पर डेनिस लिली है जिन्होंने 128 विकेट अपने नाम किये। पांचवें नंबर पर नाम आता है इयान बाथम का जिन्होंने 128 विकेट लिए।
Published on:
07 Dec 2021 12:55 pm
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