
सूरतगढ़ मार्ग पर प्राइवेट मार्केट की फोटो: पत्रिका
New Modern Market In Srigangangar: राजस्थान के सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर इन दिनों एक बड़े आर्थिक और बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कभी विदेशों की रंग-बिरंगी सड़कों और आधुनिक शोरूम्स की कहानियां सुनने वाला यह शहर अब खुद उसी तर्ज पर विकसित हो रहा है। निजी निवेशकों के बीच शहर में ब्रांडेड मार्केट विकसित करने की ऐसी होड़ मची है कि अब लगभग हर चार किलोमीटर की दूरी पर एक नया आधुनिक मार्केट नजर आने लगा है।
इन नए बाजारों की सबसे बड़ी विशेषता इनका वास्तुशिल्प और डिजाइन है। यूरोपीय शैली से प्रेरित शोरूम्स की बड़ी कांच की खिड़कियां, आकर्षक रोशनी और कलात्मक गेट ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव करा रहे हैं। शोरूम के बाहर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट्स युवाओं के लिए पसंदीदा स्थान बन गए हैं। केवल खरीदारी ही नहीं, बल्कि ठहरने के लिए यहां लग्जरी होटल और बेहतरीन खान-पान के लिए कैफे, रेस्टोरेंट व बार भी इन मार्केट्स का हिस्सा बन चुके हैं।
अब ये मार्केट केवल व्यापारिक केंद्र नहीं रहे, बल्कि फैमिली आउटिंग के लिए मनोरंजन का फुल पैकेज बन गए हैं। बच्चों के लिए हाई-टेक गेम जोन और झूलों की व्यवस्था है, तो वहीं सिनेप्रेमियों के लिए मल्टीप्लेक्स की सुविधा उपलब्ध है। इससे शहरवासियों को एक ही परिसर में खरीदारी, मनोरंजन और भोजन की त्रिवेणी मिल रही है।
शहर के पारंपरिक 'गोल बाजार' में बढ़ती भीड़ और संकरी गलियों के कारण पार्किंग एक बड़ी चुनौती बन गई थी। युवा ग्राहक और संपन्न वर्ग पार्किंग की किल्लत की वजह से मुख्य बाजार जाने से कतराने लगा था। इसी जरूरत को समझते हुए ब्रांडेड कंपनियों और निवेशकों ने शहर के बाहरी क्षेत्रों, जैसे सूरतगढ़ रोड पर श्रीनाथ मार्केट और हनुमानगढ़ रोड पर रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी जैसे मुख्य मार्गों पर निवेश किया। यहां पर्याप्त पार्किंग स्पेस उपलब्ध होने के कारण ग्राहक इन बाजारों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं।
व्यापारिक अनुमानों के मुताबिक, इन मार्केट्स के विकास पर अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हो चुका है। खास बात यह है कि निवेश केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि कनाडा, अमेरिका, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और स्वीडन जैसे देशों में बसे श्रीगंगानगर के मूल निवासियों ने भी अपने परिचितों के माध्यम से यहां पूंजी लगाई है।
एक मध्यम आकार के मार्केट पर लगभग 200 करोड़ और लग्जरी सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट पर 500 करोड़ तक का खर्च हो रहा है। इस निवेश से न केवल सरकार को भारी जीएसटी राजस्व मिल रहा है, बल्कि 3000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिला है।
आज श्रीगंगानगर में एक छोटी लिपस्टिक से लेकर करोड़ों की लग्जरी कार तक, सब कुछ एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। यह बदलाव शहर को उत्तर राजस्थान के एक बड़े शॉपिंग हब के रूप में स्थापित कर रहा है।
Updated on:
11 Apr 2026 08:47 am
Published on:
11 Apr 2026 08:46 am
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