श्रीगंगानगर. वित्तीय वर्ष 2023- 24 के लिए 31 मार्च तक शराब दुकानों की बोली होनी थी लेकिन मात्र 51 दुकाने ही बोली में उठ सकी है, जबकि 121 शराब दुकानों का अभी तक उठाव नहीं हुआ है। वहीं 237 दुकानों का नवीनीकरण करवा लिया गया। ऐसे में विभाग के अधिकारियों इन दुकानों के लिए बोली लगवाने का दबाव बढ़ गया है। जिसके लिए विभाग प्रयास में जुटा हुआ है।
आबकारी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जिले में 409 शराब दुकानें है। इनमें से 237 दुकानों का नवीनीकरण कर दिया गया है। जबकि शेष दुकानों में केवल 51 दुकानें ही बोली में छूट सकी है। जबकि 121 दुकानों का उठाव नहीं हो सका है। इतनी संख्या में दुकानें उठाव से बचे रहने के कारण विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है। जबकि आयुक्त स्तर पर आएदिन वीसी में निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
एक आबकारी इंस्पेक्ट निलंबित
– आबकारी आयुक्त, उपायुक्त व जयपुर मुख्यालय के अधिकारियों की ओर से लगातार अधिक से अधिक शराब दुकानों का उठाव कराने के प्रयास करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं किसी जांच के लंबित होने के चलते पिछले दिनों आयुक्त ने शहर की आबकारी आयुक्त मधु उज्जवल को निलंबित कर मुख्यालय उदयपुर बुला लिया है। इसके बाद यहां आबकारी इंस्पेक्टरों में हडक़ंप मचा हुआ है।
रुझान कम होने के ये हैं कारण
– शराब कारोबार व विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ इलाके की शराब दुकानों पर असर पंजाब में एक्साइज ड्यूटी कम होने वहां सस्ती शराब बिक्री से पड़ा है। वहां शराब यहां से सस्ती है। ऐसे में वहां लोग शराब भी ला रहे हैं। वहां से एक -डेढ़ बोतल पीने के लिए लाने पर कोई रोक नहीं है। ऐसे में यहां की दुकानों की बिक्री पर असर पड़ता है। इसी तरह रायसिंहनगर, अनूपगढ़ में भारत माला रोड बनने से शराब दुकानें नीचे रह गई और सडक़ ऊपर चली गई, जिससे लोकेशन पिट गई है।
सरकार की नीति के जाल में फंसे दुकानदार
– शराब कारोबारी व विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस बार सरकार की शराब नीति में 25 अपे्रल 2022 से पहले उठने वाली शराब दुकानों का नवीनीकरण कराना अनिवार्य कर दिया। वहीं 25 अपे्रल 2022 के बाद उठने वाली दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। अनिवार्य में से कोई यदि नवीनीकरण नहीं कराना चाहता है तो दस प्रतिशत राशि सरकार में जब्त कर ली जाएगी।
ऐसे में जिले में करीब 78 शराब दुकानदारों ने नवीनीकरण नहीं कराते हुए दुकान छोड़ दी और अपनी राशि कटवा ली। इन 78 दुकानदारों के करीब 3.11 करोड़ रुपए विभाग ने जब्त कर लिए। ऐसे में प्रदेश में 7600 शराब दुकानें है, जिनमें से करीब 4000 ने नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे में औसतन पंद्रह लाख राशि माने तो 60 करोड़ रुपए अनुमानित राशि बनती है।
इनका कहना है
– जिले में 121 शराब दुकानों के उठाव के लिए विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है दो-चार दिन में दुकानों का उठाव शुरू हो सकेगा। वहीं नवीनीकरण नहीं कराने वाली 78 दुकानों की राशि भी जब्त कर ली गई। विभाग प्रयास में जुटा हुआ है।
– डॉ. नरेन्द्र थोरी, जिला आबकारी अधिकारी श्रीगंगानगर