
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब वर्तमान व्यवस्थापक बिश्नपाल सिंह ने इसकी शिकायत जीकेएसबी के एमडी से की। प्रबंधन ने जांच के निर्देश दिए। जांच अधिकारी ने बताया कि पूर्व व्यवस्थापक सुमेर सिंह जो 2020 तक समिति का संचालन कर रहे थे, उनकी मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान व्यवस्थापक बिश्नपाल सिंह सहायक व्यवस्थापक के रूप में 2007 से कार्यरत हैं और ये सुमेर सिंह के परिवार से ही संबंधित है। वहीं, सहायक व्यवस्थापक ओमप्रकाश चुघ 31 दिसंबर 2023 को रिटायर हुए। इन तीनों की भूमिका जांच के दौरान उजागर हुई।
जांच परिणाम में गबन की राशि और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान होगी।
दोषी कार्मिकों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करवाई जाएगी।
समिति कार्मिक के खिलाफ समिति अध्यक्ष और बैंक कार्मिक के खिलाफ एमडी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।
वसूली की कार्रवाई डीआर ऑफिस के स्तर पर की जाएगी।
ग्राम सेवा सहकारी समिति दो जीबी ए के तीन जीबी मिनी बैंक की जांच की गई है। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अब उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
—भैरू सिंह पालावत, कार्यवाहक प्रबंध निदेशक, जीकेएसबी, श्रीगंगानगर।
Published on:
12 Nov 2024 08:33 pm
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