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श्री गंगानगर

अधिवक्ताओं ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय के ताला लगाकर दिया धरना

कोर्ट परिसर के लिए आवंटित भूमि को खाली करवाने की मांग को लेकर बार न्यायिक अध्यक्ष जगतपाल थोरी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर धरना लगाया। जानकारी के अनुसार कोर्ट परिसर के लिए बीकानेर रोड स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में भूमि आवंटित की गई है। इसके तहत आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन भी इस निर्धारित भूमि में शामिल है।

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सूरतगढ़(श्रीगंगानगर). कोर्ट परिसर के लिए आवंटित भूमि को खाली करवाने की मांग को लेकर बार न्यायिक अध्यक्ष जगतपाल थोरी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर धरना लगाया। जानकारी के अनुसार कोर्ट परिसर के लिए बीकानेर रोड स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में भूमि आवंटित की गई है। इसके तहत आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन भी इस निर्धारित भूमि में शामिल है। बार संघ न्यायिक ने कोर्ट परिसर की भूमि को लेकर पूर्व में आंदोलन भी चलाया गया था। इसके तहत प्रशासन की मौजूदगी में हुई समझौता वार्ता में आयुर्वेदिक चिकित्सालय को समुदायिक भवन में स्थानांतरित करने पर सहमति बनी थी। सोमवार को बार न्यायिक अध्यक्ष जगतपाल थोरी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अदालती कार्य का बहिष्कार कर आयुर्वेदिक चिकित्सालय को खाली करवाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता आयुर्वेदिक चिकित्सालय के बाहर पहुंचे तथा तालाबंदी कर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रभारी डॉ. जितेंद्र सिंह राठौड़ से चिकित्सालय खाली करने की मांग की। ताकि कोर्ट परिसर भवन के लिए आवंटित बजट के तहत निर्माण कार्य शुरू करवाया जा सके। इस दौरान अधिवक्ताओं ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर धरना लगाया।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तहसीलदार रामकुमार व सिटी थानाधिकारी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे और समझाइश कर आयुर्वेदिक चिकित्सालय का गेट खुलवाया। बार संघ न्यायिक अध्यक्ष जगतपाल थोरी ने बताया कि कोर्ट परिसर के लिए भूमि आवंटित कराने के लिए पूर्व में अधिवक्ताओं की ओर से आंदोलन किया गया था। कोर्ट भवन के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। चिकित्सालय भवन खाली होने पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। भवन खाली नहीं होने पर आवंटित बजट वापस हो जाएगा। वहीं आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. जितेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए अस्थाई रूप से नगर पालिका की ओर से सामुदायिक भवन के दो कमरे आवंटित किए गए हैं। इस संबंध में उच्चधिकारियों का अवगत करवा दिया गया है। अधिकारियों के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।