श्रीगंगानगर। आया सावन झूम के… इसे गाने के बोल मत समझिए। ऐसा वास्तव में हो रहा है। मंगलवार से शुरू हो रहा सावन का महीना इस बार 59 दिन का होगा। इन दिनों में 8 सोमवार आएंगे। श्रद्धालु पूरे दो माह तक भगवान शिव की विशेष आराधना, पूजा-अर्चना कर सकेंगे। ऐसा अधिक मास आने से हो रहा है। जिला मुख्यालय पर प्राचीन शिवालय सहित पूरे इलाके में शिवालयों में हर हर महादेव के जयघोष होंगे। अधिकांश मंदिरों में सावन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। शिवालयों को फूलों से सजाया जा रहा है। वहीं विशेष्ज्ञ लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है। शिवलिंग पर चढ़ने वाले बेलपत्र आदि पूजन सामग्री के लिए अस्थायी दुकानें लगाने की तैयारियां हो गई है।ज्योतिषविद शिव दयाल शास्त्री बताया कि शिव का प्रिय मास सावन 4 जुलाई से 31 अगस्त तक रहेगा। अधिक मास होने के कारण इस बार सावन में 8 सोमवार रहेंगे। सावन मास में शिव भक्तों की कावड़ यात्रा शुरू हो जाती है। विक्रम संवत 2080 नल 12 की जगह 13 मास का है। काल गणना के अनुसार प्रत्येक तीसरे वर्ष ऐसी स्थिति बनती है। वैदिक पंचांग की गणना सौर मास और चंद्र मास के आधार पर होती है। दोनों में परिवर्तन होने के चलते एक वर्ष में 11 दिनों का अंतर आ जाता है और तीसरे वर्ष 33 दिनों का अतिरिक्त एक माह बन जाता है। इन अधिक दिनों को ही अधिक मास कहा जाता है। प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन 10 से 15 अगस्त के मध्य होता है, लेकिन इस वर्ष 31 अगस्त को होगा।
-हरिद्वार और नीलकंठ के लिए शिवभक्त रवाना
इलाके से काफी लोग हरिद्वार और नीलकंठ की यात्रा पर रवाना हो गए है। कई लोग सावन में नीलकंठ में महादेव को जलाभिषेक करने के लिए जाएंगे। ट्रेन और बसों में बुकिंग का दौर थम नहीं रहा है। कई शिव भक्त तो सोमवार को ही रवाना हो गए। शिवभक्तों का कहना है कि इस बार सावन दो महीने होने के कारण शिव भगवान की आराधना का अधिक मौका मिलेगा। जिला मुख्यालय से हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेन इंटरसिटी होने के कारण लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं आ रही है लेकिन आरक्षण में हाउसफुल से निराशा भी हो रही है।——–
इन तारीखों को आएंगे आठ सोमवार- प्रथम 10 जुलाई
-दूसरा 17 जुलाई- तीसरा 24 जुलाई
-चौथा 31 जुलाई-पांचवां 7 अगस्त
– छठा 14 अगस्त- सातवां 21 अगस्त
– आठवां 28 अगस्त