
श्रीगंगानगर. किसान चौक से लेकर बसंती चौक मार्ग मोड़ तक बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए जा रहे मुख्य नाले को लेकर यूआईटी और राधा स्वामी सत्संग ब्यास सेंटर के प्रबंधक कमेटी के बीच शनिवार को विधायक सेवा केन्द्र पर वार्ता हुई। इस दौरान नाले के निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ। यूआईटी के एक्सईएन सुरेन्द्र पूनियां और जेईएन मोहनलाल ने अपने नक्शे दिखाए और बताया कि किसान चौक से एसटीपी तक रोड घूमावदार है और इस कारण मुरब्बा लाइन के अनुरूप नाले का निर्माण किया जा रहा है। जबकि डेरा कमेटी डिवाइडर को केन्द्र बिन्दू मानकर नाले निर्माण कराने पर अड़ी रही ताकि डेरे की चारदीवारी नहीं टूट सके। लेकिन विधायक जयदीप बिहाणी ने कहा कि इससे पानी निकासी में दिक्कत आएगी,और इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके बाद विधायक ने जयपुर जाकर सरकार के नुमाइंदों से अनुमति लाने की बात कही। कमेटी ने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया और इस पर दोनों पक्षों के बीच एक-दूसरे के खिलाफ तीखी बहस हो गई।
विधायक और डेरे कमेटी के सदस्यों में नोंक झोंक
वार्ता के दौरान यह विवाद इतना बढ़ गया कि विधायक बिहाणी और राधा स्वामी सत्संग ब्यास के पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई और बात तू-तड़ाक तक पहुंच गई। इस पर वहां मौजूद संयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष तरसेम गुप्ता व अन्य मौजिज लोगों ने बीच-बचाव कर समझाइश दी। विधायक जयदीप बिहाणी ने बाद में यूआईटी अधिकारियों को निर्देश दिया कि रविवार को तहसीलदार, एईएन और जेईएन को साथ लेकर डेरा की पैमाइश की जाए और यदि किसी प्रकार का कब्जा पाया जाता है, तो उसे हटाते हुए नाला निर्माण कार्य को पूरा किया जाए। विधायक ने यह भी कहा कि शहरवासियों की परेशानी को समझते हुए इस नाले के निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
डेरे कमेटी बोली, भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं
राधा स्वामी सत्संग ब्यास सेंटर के प्रबंधक कमेटी के एरिया सचिव संजय कालड़ा, अशोक ग्रोवर, ताराचंद, रामकुमार और सतीश अरोड़ा ने भी अपनी बात रखी। इनका कहना था कि डेरे की भूमि अतिक्रमण के दायरे में नहीं है, एक इंच भी कब्ज में नहीं है। पूरी भूमि की बकायदा रजिस्ट्री तक करवाई गई है। उनका कहना था कि यूआईटी ने नाले के निर्माण में उनके सुझावों को नजरअंदाज किया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नाला डेरे के आगे से निकलता तो यह समस्या का बेहतर समाधान हो सकता था। इस पर विधायक बिहाणी नाराज हो गए। हालांकि, राधा स्वामी कमेटी ने फिर विधायक से मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने की उम्मीद जताई।
विधायक बिहाणी बोले, शहरहित सर्वोपरि
विधायक बिहाणी के अनुसार अब डेरा स्थल की पैमाइश ही नहीं, बल्कि जिन लोगों ने अवैध निर्माण को वैध करने की कोशिश की है, उनके भवनों की भी पैमाइश करवाई जाएगी। यदि सड़क सीमा में कोई भवन बना है, तो उस पर लाल निशान लगाकर नोटिस दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा, बारिश के दौरान शहर के करीब 4 लाख लोग परेशान होते हैं, और यह जरूरी था कि राधा स्वामी डेरा खुद के फायदे के बजाय शहरवासियों की परेशानी समझे। बिहाणी ने बताया कि यूआईटी के दस्तावेजों में डेरे के आगे पचास फीट कब्जा है। डेरे के अंदर से नाले पर फेरोकवर, लेंटर या अंडरग्राउंड लाइन डाली जा सकती है, लेकिन डेरे की कमेटी सदस्य सुनने को तैयार नहीं थे। अगर वे शहरवासियों की परेशानी समझते, तो नाला निर्माण में हमारा सहयोग करते।
Published on:
18 Apr 2026 11:54 pm
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