
एएनटीएफ की श्रीगंगानगर चौकी टीम की गिरफत में आरोपी। फोटो पत्रिका नेटवर्क
श्रीगंगानगर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मदाश्विन' के तहत राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सफलता हासिल की है। एएनटीएफ की टीम ने एक साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर को पंजाब के फिरोजपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए गोशाला में शरण लेकर गायों की सेवा कर रहा था, लेकिन उसके घर से मिले एक पुराने ट्रेन टिकट ने पुलिस को उसके ठिकाने तक पहुंचा दिया।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनील कुमार पुत्र नक्षत्र सिंह निवासी 10 सरकारी, तहसील विजयनगर, थाना जैतसर जिला श्रीगंगानगर के रूप में हुई है। आरोपी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में पिछले करीब एक वर्ष से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
एएनटीएफ चौकी प्रभारी ने बताया कि जब टीम आरोपी को पकड़ने उसके घर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। तलाशी के दौरान टीम को फिरोजपुर का एक पुराना ट्रेन टिकट मिला। यही टिकट जांच की दिशा बदलने वाला अहम सुराग साबित हुआ। आरोपी की तस्वीरें दिखाकर पूछताछ की गई, जिसके बाद एक गौशाला में उसके रहने की सूचना मिली।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए मोबाइल फोन तक नहीं रखा था। यह आरोपी अपनी कमाई की रकम ई-मित्र के जरिए घरवालों तक पहुंचाता था। बाहर से देखने पर वह एक सामान्य गोसेवक नजर आता था, लेकिन वास्तव में वह पुलिस से बचने के लिए वहीं छिपा हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। नशे की लत के कारण उसने पहले चोरी और जमीनों की फर्जी खरीद-फरोख्त का धंधा शुरू किया। वर्ष 2021 से 2025 के बीच उसके खिलाफ घड़साना, विजयनगर, छत्तरगढ़ और जैतसर (श्रीगंगानगर) में चोरी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज हुए।
महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ राज्य और राज्य के बाहर छिपे अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है तथा भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
05 Jun 2026 09:19 pm
Published on:
05 Jun 2026 09:19 pm
