21 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

Rajasthan: पाक का ‘ड्रोन ड्रग वार’, राजस्थान सीमा से 6 महीने में 254 करोड़ की हेरोइन भारत में ड्रॉप, जानें मकसद

Pakistan Drone Drug War: पाकिस्तान की ओर से राजस्थान सीमा पर ड्रोन के जरिए ड्रग तस्करी लगातार बढ़ रही है। साल 2026 के छह महीने 20 दिनों में 45.808 किलो हेरोइन (करीब 254 करोड़ रुपए) भारतीय सीमा में गिराई गई। रविवार को हिंदुमलकोट में 1 किलो हेरोइन बरामद कर एक आरोपी गिरफ्तार किया गया।
2 min read
Google source verification
Pakistan Drone Drug War

राजस्थान सीमा से 6 महीने में 254 करोड़ की हेरोइन भारत में ड्रॉप (फोटो-एआई)

Rajasthan Heroin Smuggling: श्रीगंगानगर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी के प्रयास लगातार जारी हैं। रविवार को एक बार फिर हिंदुमलकोट बॉर्डर क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एक किलो हेरोइन की खेप भारतीय सीमा में गिराई गई। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। सीमा क्षेत्र में इस साल ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी के आंकड़े सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

पुलिस के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में अब तक छह महीने 20 दिन की अवधि में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से 45 किलो 808 ग्राम हेरोइन भारतीय सीमा में पहुंचाई जा चुकी है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 254 करोड़ रुपए आंकी गई है।

ड्रोन ड्रॉपिंग की घटनाएं श्रीगंगानगर जिले के करणपुर, रायसिंहनगर, रावला, हिंदुमलकोट, केसरी सिंहपुर, जैतसर तथा बीकानेर सेक्टर के खाजूवाला क्षेत्र तक फैल चुकी हैं। अधिकांश मामलों में तस्कर रात के समय ड्रोन से खेतों में हेरोइन गिराते हैं, जिसे लेने के लिए पहले से स्थानीय संपर्क सक्रिय रहते हैं।

पुलिस, बीएसएफ, एनसीबी और सीआईडी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस दौरान कई बड़ी खेप बरामद की है तथा पंजाब और सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय कई तस्करों और स्थानीय सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानीय युवक कथित तौर पर स्लीपर सेल के रूप में काम करते हुए ड्रोन से गिराई गई खेप को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।

इसलिए भेजी जा रही है हेरोइन की खेप

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियार भेजना एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के नेटवर्क को मजबूत करना, युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलना तथा भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना है।

ड्रोन आधारित तस्करी अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती बन चुकी है। इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक, उन्नत रडार प्रणाली और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

इस साल ड्रोन ड्रॉपिंग की प्रमुख घटनाएं

  • 9 जनवरीः खाजूवाला (बीकानेर) में 500 ग्राम हेरोइन बरामद।
  • 10 जनवरीः अनूपगढ़ क्षेत्र में 4.008 किलो हेरोइन के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार।
  • 11 फरवरीः खाजूवाला में 2.25 किलो हेरोइन बरामद।
  • 26 फरवरीः खाजूवाला में चीनी ड्रोन के साथ 5 अत्याधुनिक पिस्तौल और 325 कारतूस बरामद।
  • 1 मार्च: रावला क्षेत्र में एक किलो हेरोइन बरामद।
  • 9 मार्चः रायसिंहनगर में 6.4 किलो से अधिक हेरोइन बरामद, पंजाब से जुड़े एक तस्कर की गिरफ्तारी।
  • 26 मार्च: रावला क्षेत्र में 10 किलो हेरोइन बरामद, पांच आरोपी गिरफ्तार।
  • 5 अप्रैलः करणपुर क्षेत्र में 12.167 किलो हेरोइन बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार, दो फरार।
  • 6 अप्रैलः करणपुर में 2.340 किलो हेरोइन बरामद।
  • 7 अप्रैलः करणपुर क्षेत्र में 1.5 किलो हेरोइन बरामद।
  • 18 अप्रैलः रायसिंहनगर में 759 ग्राम हेरोइन बरामद।
  • 26 अप्रैलः केसरीसिंहपुर क्षेत्र में एक किलो हेरोइन बरामद कर एक आरोपी को पकड़ा।
  • 27 जूनः जैतसर क्षेत्र में 10.5 किलो हेरोइन बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार।
  • 20 जुलाईः हिंदुमलकोट क्षेत्र में ड्रोन से गिराई गई एक किलो हेरोइन बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार।