1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिला कलक्टर ने इस अधिकारी को दिया एक सप्ताह में सरकारी आवास खाली करने का आदेश

ईओ गौड़ पर पैनल्टी, आवास किराया भी देना होगा  

2 min read
Google source verification
demo pic

demo pic

श्रीगंगानगर.

एपीओ किए गए रसद विभाग के प्रवर्तन अधिकारी संदीप गौड़ को आवंटित सरकारी आवास खाली करवाने के निर्देश दिए गए हैं। गौड़ से इस सरकारी निवास का किराया वसूलने के साथ-साथ पैनल्टी भी वसूली जाएगी। जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने शुक्रवार रात एक आदेश जारी कर संदीप गौड़ को सिविल लाइंस में क्वार्टर 76-थर्ड-1 को खाली करवाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। आदेश में तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर पुलिस जाब्ता की मदद से सरकारी क्वार्टर हर हालत में खाली करवाएं। समय पर क्वार्टर खाली न करने पर गौड़ पर लगभग 20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है।

नहीें की आदेश की पालना

राशन घोटाले में आरोप लगने पर प्रवर्तन अधिकारी संदीप गौड़ को एक साल पहले विभाग ने एपीओ कर दिया था। इस आदेश के बाद प्रशासन ने गौड़ को जल्द सरकारी क्वार्टर खाली करने के आदेश दिए, लेकिन गौड़ ने सरकारी निर्देशों का पालन नहीं किया। इस बीच श्रीगंगानगर में दो करोड़ रुपए का एक अन्य राशन घोटाला सामने आया। इस घोटाले में गौड़ ने एकतरफा जांच कर तत्कालीन जिला रसद अधिकारी सुनील वर्मा को बचाने की कोशिश की।

किसानों ने निकाला रोष मार्च

हनुमानगढ़. जिले में किसानों की हड़ताल दूसरे दिन शनिवार को जारी रही। किसानों ने गांवों से बाहर दूध नहीं जाने दिया। जिला मुख्यालय के आसपास कुछ जगह दूधिए सप्लाई करते मिले तो आंदोलनकारियों ने उन्हें रोक कर सड़क पर डलवा दिया। इस दौरान किसानों ने रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने रैली निकालकर विरोध जताया। गांव सतीपुरा से किसान नारेबाजी करते हुए गंगमूल डेयरी पहुंचे।

वहां पर डेयरी एमडी को चेताया कि वह दूध संकलन कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करें। ऐसा नहीं करने पर तोडफ़ोड़ की चेतावनी दी। एमडी पीके गोयल ने कहा कि उच्चाधिकारियों से इस बारे में विचार विमर्श कर रहे हैं। किसानों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस जाब्ता तैनात रहा। किसान नारेबाजी करते हुए सब्जी मंडी व धानमंडी पहुंचे। वहां यूनियन अध्यक्षों से वार्ता कर कारोबार बंद रखने की बात कही। स्वामीनाथन कमेटी को लागू करने, फसल का उचित मूल्य देने, नहरी पानी देने के साथ ही दूध के रेट बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसके तहत एक से दस जून तक किसानों ने हड़ताल की चेतावनी दी है।

Story Loader