श्रीगंगानगर.गंगनहर में सिंचाई पानी की मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत 20 दिसंबर को श्रीगंगानगर व अनूपगढ़ जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करके की जाएगी। आंदोलन की मुख्य मांगों में गंगनहर में शेयर अनुसार पूरा पानी, फिरोजपुर फीडर का 31 मार्च तक पुनर्निर्माण शुरू करने, राजस्थान के हिस्से का पानी खखा हैड पर गैज लगाकर देने और भाखड़ा में 20 मार्च तक 1200 क्यूसेक पानी निरंतर दिए जाना शामिल है। यह निर्णय गुरुवार को पंचायती धर्मशाला में अखिल भारतीय किसान सभा, किसान आर्मी व किसान संघर्ष समिति आदि किसान संगठनों के प्रमुख किसान नेताओं की संयुक्त बैठक में किया गया।
सभी तहसीलों पर किसान विरोध प्रदर्शन करेंगे
किसान सभा के जिला महासचिव गुरचरण सिंह मोड़ ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी और सिंचाई पानी दोनों महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। दोनों मांगों को लेकर किसानों को व्यापक एकता और मजबूत संघर्ष की जरूरत है उन्होंने कहा गंगनहर में सिंचाई पानी की मौजूदा स्थिति में खेती को बचाया नहीं जा सकता। सुभाष सहगल ने कहा कि सरकारों की मंशा नहरी तंत्र की प्राथमिकता खेती से हटाकर औद्योगिक क्षेत्र की ओर से ले जाना है जबकि हमारी नहरों का प्रोजेक्ट खेती के लिए तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति में कृषि के प्रति अनदेखी लोगों को भूखा मारने वाली है। इंडस्ट्री उन्हें गेहूं पैदा करके नहीं देगी। किसान आर्मी के संयोजक मनिंद्र सिंह मान ने कहा कि भाखड़ा में 6 जनवरी से पानी घटाकर 800 क्यूसेक करने का निर्णय किसान विरोधी है। उन्होंने 20 मार्च तक भाखड़ा में 1200 क्यूसेक पानी देने की मांग दोहराई। किसान सभा के जिला प्रवक्ता रविंद्र सिंह तरखान ने कहा कि 20 दिसंबर को श्रीगंगानगर व अनूपगढ़ जिले की सभी तहसीलों पर किसान विरोध प्रदर्शन करेंगे व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस मौके पर किसान नेता अमतेंद्र सिंह क्रांति, सुखवीर सिंह फ़ौजी, दलवीर सिंह, हरप्रीत सिंह संधु सहित कई किसान नेता भी शामिल रहे।