6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

अपनी छत होते हुए भी दूसरे के अहाते में पढ़ाई

21 करोड़ का नर्सिंग भवन तैयार, लेकिन फर्नीचर खरीद और हैंडओवर की देरी पर मेडिकल कॉलेज भवन में चल रहा

2 min read
Google source verification

श्रीगंगानगर.आधुनिक सुविधाओं से लैस राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नया भवन 21 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार है। कक्षाएं, छात्रावास और स्टाफ के लिए एकेडमिक भवन मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद कॉलेज के विद्यार्थी अपने संस्थान भवन में पढ़ाई नहीं कर पा रहे। भवन हैंडओवर नहीं होने से बीएससी नर्सिंग के चार बैचों के 60-60 विद्यार्थियों के साथ एक सीएचओ बैच सहित कुल 275 छात्र-छात्राएं मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं लगाने को मजबूर हैं। सीमित संसाधनों में पढ़ाई, प्रयोगात्मक कक्षाओं के लिए जूझना और बार-बार स्थान बदलने की मजबूरी है।

डेढ़ साल में नहीं खरीद सके फर्नीचर व उपकरण

राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमैस) ने 27 जून 2023 को श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के 19 नर्सिंग कॉलेजों के लिए उपकरण, फर्नीचर और पुस्तकों की खरीद को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दी थी। इससे पहले 16 मार्च को गठित समिति ने फर्नीचर व उपकरण की मात्रा और तकनीकी मापदंड भी तय कर दिए थे। इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी।पुस्तकों के लिए 16.83 लाख रुपए की राशि से खरीद और आपूर्ति पूरी हो चुकी है, लेकिन 19.93 लाख रुपए की फर्नीचर खरीद अब तक अधर में लटकी हुई है। नर्सिंग कॉलेज के मेंटोर कॉलेज के रूप में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अब तक केवल 10 छोटी अलमारियां और 7 रैक ही उपलब्ध कराए जा सके हैं।

बार-बार पत्राचार, फिर भी समाधान नहीं

नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य ने 14 जुलाई, 29 जुलाई, 20 अगस्त और 21 नवंबर 2025 को फर्नीचर व उपकरणों की मांग को लेकर पत्र लिखे। मेडिकल कॉलेज श्रीगंगानगर के प्राचार्य ने भी 19 सितंबर 2025 को पत्र भेजा, लेकिन नतीजा शून्य रहा।

हैंडओवर प्रक्रिया भी अटकी

भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद जयपुर राजमैस की हैंडओवर प्रक्रिया भी अटकी हुई है। जब तक भवन का औपचारिक हैंडओवर और फर्नीचर की आपूर्ति नहीं होती, तब तक कॉलेज में नियमित कक्षाएं शुरू होना संभव नहीं है। इसका सीधा असर 275 विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ रहा है।

मेंटोर कॉलेज को कई बार पत्र लिखा

भवन पूरी तरह तैयार है, लेकिन फर्नीचर की आपूर्ति नहीं होने से कक्षाएं मेडिकल कॉलेज में लगानी पड़ रही हैं। इस संबंध में मेंटोर कॉलेज को कई बार पत्र लिखा गया है।

शिविंदरपाल सिंह, प्राचार्य, राजकीय नर्सिंग कॉलेज

10 से 15 दिन में प्रक्रिया

फर्नीचर क्रय के लिए समिति गठित कर दी गई है और 10 से 15 दिन में प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।सुरेंद्र कुमार वर्मा नियंत्रक, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर