96 मिनट तक चर्चा , 183 करोड़ का बजट पारित- एक वर्ष बाद हुई नगर परिषद बोर्ड की बजट बैठक
– शहर से जुड़े विभिन्न मुद्दों कई पार्षदों ने किया हंगामा -सभापति, आयुक्त व जिम्मेदार अधिकारियों को घेरा
श्रीगंगानगर. नगर परिषद बोर्ड की बजट बैठक एक साल बाद मंगलवार दोपहर बारह बजे परिषद सभागार में सभापति करुणा चांडक की अध्यक्षता में हुई। परिषद के लेखाधिकारी तारसिंह सोलंकी ने दोपहर 1.33 बजे बजट पढ़ा। करीब 96 मिनट चली बैठक में सभापित चांडक ने शहर के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यय आदि से संबंधित वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 183 करोड़ रुपए का बजट सर्वसम्म्मति से पारित करवा लिया।
हालांकि, बैठक के दौरान पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सभापति चांडक, आयुक्त विश्वास गोदारा सहित अन्य अधिकारियों को घेरा। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही बोर्ड की बैठक नियमित रूप से एक वर्ष में छह करवाने की मांग रखी। कुछ पार्षदों ने बैठक में पट्टा बनाने की धीमी गति, निराश्रित श्वानों का स्थायी समाधान,वर्षा जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था, पुरानी धानमंडी के पिड़ों का आवंटन, अतिक्रमण हटाने, अनाधिकृत होर्डिंग साइट हटाने, भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर तीखे सवाल किए।
– स्ट्रीट लाइट्स की लचर व्यवस्था पर उखड़े पार्षद
पार्षद कमला बिश्नोई ने शहर में मृत पशुओं का उठाव नहीं होने और स्ट्रीट लाइट दुरुस्त नहीं करने का मुद्दा उठाया। वार्ड 30 की पार्षद रीतू धवन ने कहा कि दिन में लाइट्स ऑन व रात को ऑफ रहती है। रीतू के आरोपों का अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। वार्ड नंबर दो के पार्षद अनूप बाजवा ने कहा कि मेरे वार्ड में छह माह पहले स्ट्रीट लाइटों के लिए पोल लगा दिए लेकिन अभी स्ट्रीट लाइटें तक नहीं लगाई गई। वार्ड 49 के पार्षद अशोक मुंजराल ने मोबाइल में दिखाया कि बार-बार सूचना दी गई और वार्ड में 18 लाइट्स खराब पड़ी है। इन्हें दुरुस्त नहीं किया जा रहा।
बरसाती पानी निकासी की हो व्यवस्था
पार्षद प्रेम नायक ने शहर में सडक़ व नाली निर्माण के बजाय बरसाती पानी निकासी की पुख्ता व्यव्स्था करने पर बल दिया। उन्होंन कहा कि शहर में बारिश के पानी निकासी की कोई माकूल व्यवस्था नहीं है। पिछले वर्ष पीड़ा भुगत चुके हैं। पानी निकासी के लिए सैना बुलानी पड़ी थी। बहुत से लोगों के मकान टूट गए।
———— पट्टे जारी करने में देरी, पार्षदों ने किया हंगामा
पट्टे जारी करने की प्रक्रिया पर कई पार्षदों ने तीखे हमले बोले। वार्ड 47 के पार्षद कृष्ण कुमार ने कहा कि अग्रसैन नगर प्रथम और द्वितीय के पट्टे के लिए यूआईटी को अनुमति दी जाए। पार्षद ओमी मित्तल ने भी कहा कि अग्रसैन नगर में पट्टों से जुड़ा मुद्दा उठाया। पार्षद मुंजराल ने कहा कि जवाहरनगर क्षेत्र में 99 वर्षीय लीज वाले भूखंडों का पट्टे जारी करने में अड़ंगा लगाया जा रहा है। प्रतिपक्ष की नेता बबीता गौड़ ने कहा कि पट्टे बनाने में नगर परिषद स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। पहले आयुक्त का बहाना बनाया जा रहा था। अब आयुक्त है, पट्टे फिर भी नहीं बनाए जा रहे। पार्षद कृष्ण गोपाल ने कहा कि कच्ची बस्तियों के लोगों के पट्टे जारी किए जाएं। वार्ड 50 के पार्षद प्रियंक भाटी व कृष्ण गोपाल पट्टा मामले को लेकर आपस में ही उलझ गए। कुछ देर तक हंगामा होता रहा। पार्षद प्रियंक ने कहा कि समान रूप से पट्टे जारी किए जाने चाहिए।
नियमित रूप से हों बैठकें
पार्षद गुरमीत सिंह गिल ने शहर से जुड़ी कई समस्याएं उठाई। उन्होंने कहा कि परिषद की नियमित रूप से बैठक होनी चाहिए, ताकि पार्षद समस्याएं उठाई जा सके। गिल की जुबान फिसली और उन्होंने कहा कि अधिकांश पार्षद को तो बोलना ही नहीं आता। इस पर पार्षद कृष्ण गोपाल सहित अन्य ने जमकर हंगामा किया।
हंगामे के बीच शेर ओ शायरी भी
वार्ड 47 के पार्षद कृष्ण कुमार ने सवाल किया कि प्रस्तावित आय और प्राप्त आय में काफी अंतर है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। परिषद की बजट बैठक में लेखाधिकारी बजट पढकऱ सुना रहे थे तो बार-बार हंगामा हो रहा था। कुछ पार्षद परस्पर उलझ कर माहौल गर्मा रहे थे। इस बीच वार्ड 52 के पार्षद विजेंद्र स्वामी ने कहा कि ‘तू इधर उधर की बात ना कर..ये बता काफिला रुका तो क्यों रुका..’ उन्होंने कहा कि परिषद की आय में गिरावट कैसे आई? पाषर्द रमेश शर्मा ने भी शायरना अंदाज में अपनी बात रखी।
सासंद व विधायक नहीं हुए शामिल
लोकसभा चलने पर सांसद निहालचंद और विधानसभा चलने पर विधायक राजकुमार गौड़ इस बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने बैठक को लेकर अपनी सहमति दी थी। पिछली बार दोनों को बजट बैठक की सूचना नहीं दी गई। इस कारण मौके पर बैठक स्थगित करनी पड़ी थी।
————–प्रवेश द्वार का निर्माण अटका
वार्ड 22 के पार्षद अमित चलाना ने कहा कि रामनगर के प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य चार माह से अटका है। वार्ड 15 के पार्षद रोहित बागड़ी ने विपक्ष की नेता गौड़ के कोड़ा चौक पर पीपल के पेड़ काटने पर कार्रवाई के मुद्दे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आप आस्था की बात करते हैं, वहां शराब बिकती है और अंडों की रेहड़ी लगाई जा रही है। पार्षद बाजवा ने कि रामनगर प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य शुरू करने के सवाल पर सभापति करुणा चांडक ने कहा कि इस मुद्दे पर कलक्टर से बातचीत हो चुकी है। जल्द ही इसका निस्तारण किया जाएगा। पार्षद चेष्ठा सरदाना ने दो-तीन बार खड़ी होकर बात रखने की कोशिश की लेकिन हंगामे की वजह से वह कोई मुद्दा नहीं रख पाई।
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फोगिंग व काला तेल का नहीं किया छिडक़ाव
वार्ड दो के पार्षद बाजवा ने कहा कि मौसमी बीमारियों को देखते हुए अभी से फोगिंग करवाई जाए। एक मशीन से फोगिंग नहीं होने वाली। इसके के लिए एक मशीन और मंगवाई जाए। वहीं, नालियों में अभी कहीं पर भी काले तेल का छिडक़ाव नहीं किया गया है। पार्षद कमला बिश्नोई व प्रेम घोड़ेला मृत पशुओं के उठाव के मुद्दे पर उलझे। पार्षद रमेश शर्मा व दलीप लावा ने भी कच्ची बस्तियों के पट्टों सहित अन्य मुद्दे उठाए। वहीं, विपक्ष की नेता गौड़ ने दस होर्डिंग्स साइट अवैध होने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने, शहर में कुत्ता का आंतक होने, 48 लाख रुपए के नसबंदी प्रकरण में खानापूर्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भष्टाचार से जुड़ा मुद्दा भी उठाया। परिषद की बैठक में उप सभापति लोकेश मनचदा, प्रदीप चौधरी, धर्मेंद्र मौर्य सहित अन्य पार्षद व कर्मचारी अधिकारी शामिल हुए।
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इस बार 32 करोड़ रुपए अधिक
पिछले वर्ष की तुलना में 32 करोड़ अधिक बजट पारित करवाया। नगर परिषद प्रशासन ने पिछले वित्तीय वर्ष 2022-2023 का बजट 150 करोड़ 68 लाख 45 हजार रुपए का पारित किया था। जनवरी तक 107 करोड़ 6 लाख 76 हजार रुपए राशि खर्च की गई। इस बार बजट 150 करोड़ 68.45 लाख रुपए से बढ़ाकर 183 करोड़ 03.45 लाख यानी 32 करोड़ 35 लाख रुपए अधिक पारित करवाया गया।
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यहां से आएगा राजस्व
मद का नाम प्रस्तावित राशिभवन निर्माण अनुज्ञा से एक करोड़
होर्डिंग्स विज्ञापन से डेढ़ करोड़मोबाइल टावर से 50 लाख
नकल फीस से दो लाखविवाह स्थल से शुल्क दस करोड़
भू उपयोग शुल्क से डेढ़ करोड़
अचल संपति हस्तांतरण से दस करोड़पैनल्टी और जुर्माना से दस करोड़
पट्टा भूमि से राजस्व से दस करोड़धानमंडी के पिड़ आवंटन से 32 करोड़
अन्य संपत्ति विक्रय से 30 करोड़ नगरीय विकास कर से दस करोड़
एसबीएम से अनुदान से 17 करोड़
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मद का नाम प्रस्तावित राशि
संस्थापन व्यय 59 करोड़प्रशासनिक व्यय 3 करोड़
अग्रिशमन यंत्र क्रय 25 लाखउद्यान औजार क्रय पन्द्रह लाख
नगर परिषद भवन निर्माण चार करोड़सामुदायिक भवन निर्माण डेढ़ करोड़
कंकरीट सडक़ निर्माण आठ करोड़डामर सडक़ निर्माण तीन करोड़
अन्य सडक़ निर्माण चार करोड़पुल व पुलिया निर्माण डेढ़ करोड़
चौक चौराहों सौन्दर्यीकरण दो करोड़श्वान व जानवरों को पकडऩे व रखरखाव सात करोड़
पार्कों का रखरखाव डेढ़ करोड़
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फैक्ट फाइल
-पिछले वित्तीय वर्ष 2022-2023 का बजट 150 करोड़ 68 लाख 45 हजार रुपए
-इस वित्तीय वर्ष 2023-2024 का बजट 183 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपए