
SriGanganagar श्रीगंगानगर में पॉलीथिन थैलियों के दुगने हुए दाम
श्रीगंगानगर. एकल प्रयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने के बाद पॉलीथिन थैलियों पर सख्ती हुई तो बाजार से लेकर गलियों तक इन थैलियों की डिमांड एकाएक बढ़ गई। ऐसे में बिचौलियों ने इन प्रतिबंधित थैलियों के दुगुने दाम कर दिए है। ज्यादातर आपूर्ति दिल्ली से हो रही है।
विभिन्न बसों और ट्रांसपोर्टरों से आने वाले इन थैलियों को चोरी-छिपे मंगवाया जा रहा है।
वहीं इन प्लास्टिक की बिक्री करने के धंधे से जुड़े लोगों ने सब्जी, फल और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले फुटकर दुकानदारों और रेहड़ी वालों के यहां थैलियों की सप्लाई दुपहिया और साइकिल पर बेचने लगे है। इन स्ट्रीट वैडर्स को मजबूरन थैलियों के पैकेट पन्द्रह रुपए की बजाय छब्बीस रुपए में खरीदने पड़ रहे है। एक एक थैली के लिए जोर अजमाइश की जा रही है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध के छठे दिन गोलबाजार और सदर बाजार में दुकानें खुल गई। इन दुकानदारों ने अब कपड़े और नॉनवैलून से बनने वाले कैरी बैग्स बेचने लगे है।
दूध- दही और जूस बेचने के लिए इस्तेमाल थैलियों और राशन की आइटम प्लास्टिक थैलियों में पैकिंग करके बेची जा रही है। लेकिन इन दुकानों और दूध केन्द्रों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है। वहीं साड़ियां, कम्बल, मिठाई, केक आदि आइटम को कवर करने के लिए प्लास्टिककी थैलियों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।
नगर परिषद की जांच टीमों ने सिर्फ पॉलीथीन की थैलियों को पकड़ने तक अभियान को सीमित कर दिया है। इन टीमों में ज्यादातर सफाई कार्मिकों को शामिल किया गया है।
एकल प्रयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू होने के बाद नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह की अगुवाई में टीम गठित की है। इस टीम में प्रत्येक वार्ड के सफाई निरीक्षक को शामिल किया गया है।
आयुक्त विश्वास गोदारा ने बताया कि शहर के अलग अलग नौ वार्डो में इस टीम ने कुल सौलह किलो एक सौ ग्राम थैलियां जब्त की। इसमें वार्ड एक से एक किलोग्राम, वार्ड दो से आधा किलोग्राम, वार्ड 29 से नौ सौ ग्राम, वार्ड 40 में ढाई किलोग्राम, वार्ड नौ में दस किलोग्राम, वार्ड 17 से पांच सौ ग्राम, वार्ड 19 से तीन सौ ग्राम, वार्ड चौदह से एक सौ ग्राम, वार्ड साठ से तीन सौ ग्राम कुल 16किलो 100 ग्राम पॉलीथीन थैलियां जब्त की गई।
डीएलबी की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्लास्टिक स्टिक युक्त इयर बड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की इंडिया, प्लास्टिक के झंडे, केंडी स्टिक, आइसक्रीम की इंडिया, थर्मोकॉल की सजावटी सामग्री, प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे जैसे कटलरी, मिठाई के डिब्बों के इर्द गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट, एक सौ माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्ट्रिर के विनिर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर रोक रहेगी।
इस बीच, श्रीगंगानगर पैकिंग मैटेरियल एसोसिएशन के अध्यक्ष वेदप्रकाश मिडढा का कहना है कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से नो प्लास्टिक मुहिम में अलग अलग आइटम को प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि पॉलीथीन थैलियों के आदेश एक जैसे है लेकिन अन्य आइटम के संबंध में भिन्नता है। दूध-दही और जूस जैसी आइटम में प्लास्टिक की थैलियों का धड़ल्ले से दुरुपयोग हो रहा है लेकिन इनको जानबूझकर जांच के दायरे में नहीं लिया गया है। दुकानदारों ने अब कपड़े या नॉनवैलून के बने कैरीबैग्स को बेचने की प्रक्रिया शुरू की है ताकि कोई विवाद नहीं हो।
Published on:
07 Jul 2022 01:19 pm

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