
श्रीगंगानगर. नगर परिषद के सरकारी दस्तावेजों का कामकाज अब मैन्युअल पद्धति से हटकर पूरी तरह ई-फाइलिंग प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। हाथ से लिखी जाने वाली कार्यालय टिप्पणियां, नोटिस, जवाब और आदेश की प्रक्रिया अब कम्प्यूटरीकृत ई-फाइलिंग सिस्टम के जरिए ही पूरी की जाएगी। नगर परिषद आयुक्त रवीन्द्र सिंह यादव ने सभी शाखा प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यालय का कामकाज शत-प्रतिशत ई-फाइलिंग के माध्यम से तय किया जाए। इस संबंध में कार्यालय में आयोजित स्टाफ बैठक में ई-फाइलिंग की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की जानकारी दी गई। आयुक्त यादव ने बताया कि वर्तमान में नगर परिषद का करीब 80 से 90 प्रतिशत कामकाज ई-फाइलिंग से किया जा रहा है, लेकिन राज्य के स्थानीय निकाय विभाग ने इसे पूरी तरह डिजिटल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में शेष कार्यों को भी शीघ्र ई-फाइलिंग से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
फाइलों के गुम होने की परिपाटी होगी खत्म
ई-फाइलिंग शत प्रतिशत लागू होने से नगर परिषद के कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता आएगी। अब फाइलों के गुम होने, दबे रहने या अनावश्यक रूप से लंबित रखने की परिपाटी पर अंकुश लगेगा। डिजिटल माध्यम से फाइलों की ट्रैकिंग संभव होने से प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होगी। इसके साथ ही सभी दस्तावेजों का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, इससे वर्षों पुराने प्रकरणों की जानकारी भी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।
Published on:
30 Jan 2026 11:38 pm

बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
