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श्रीगंगानगर में 2 कारों की डिक्की में रखे कार्टन में जो मिला, उसे देखकर पुलिस के उड़े होश, गिनती करने में लगे दो घंटे

Drug consignment recovered seized: श्रीगंगानगर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित प्रीगाबालिन की 90 हजार से अधिक टैबलेट बरामद कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

Drug consignment recovered seized: श्रीगंगानगर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित प्रीगाबालिन की 90 हजार से अधिक टैबलेट बरामद कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह खेप हरियाणा के अम्बाला से रायसिंहनगर ले जाई जा रही थी।

खुफिया सूचना पर घेराबंदी

जानकारी के अनुसार सद थाना पुलिस एवं डीएसटी टीम को नशे की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर दो कारों को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां बरामद हुईं। सदर थाना एएसआई निहालचंद ने बताया कि राजस्थान नंबर की एक कार से दो कार्टन में भरी 36 हजार से अधिक प्रीगाबालिन टैबलेट बरामद की गईं। इस कार को चला रहा रायसिंहनगर वार्ड नंबर 6 निवासी सन्नी डाबी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

इसी तरह हरियाणा नंबर की दूसरी कार की तलाशी लेने पर 53 हजार 200 प्रीगाबालिन टैबलेट बरामद हुईं। इस कार का चालक हिसार जिले के आदमपुर मंडी के बिश्नोइयों का बास निवासी कुलदीप उर्फ सुमेर बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों आरोपियों से नशे की इस खेप की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपियों के नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है। प्रारभिंक पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि रायसिंहनगर और श्रीविजयनगर में कई नशे के तस्करों को यह खेप भेजी जा रही थी। इस खेप की सप्लाई के बारे में डीएसटी टीम के प्रमोद बिश्नोई की अहम भूमिका रही।

कारों की डिक्की में भरी थी प्रतिबंधित दवाइयां

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने रिश्तेदारों के यहां जाने की बात कही, लेकिन जब संदेह के आधार पर कारों की डिक्की खुलवाई गई तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। डिक्की में अलग-अलग कार्टन में भरी प्रतिबंधित दवाइयों की बड़ी खेप रखी हुई थी। पुलिस के अनुसार बरामद कार्टनों में रखी टैबलेट और कैप्सूल की गिनती करने में करीब दो घंटे का समय लगा। भारी मात्रा में दवाइयां मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी।

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