
श्रीगंगानगर. इलाके में महिलाओं की भूमिका लगातार बदल रही है और इसके साथ ही उनकी जीवनशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। महिला घर और करियर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी सेहत और फिटनेस को भी बराबर महत्व दे रही है। यही कारण है कि शहरों में हेल्थ क्लब, जिम और योग केंद्रों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। सुबह और शाम के समय फिटनेस सेंटरों में ट्रेडमिल पर दौड़ती, योगासन करती और वेट ट्रेनिंग करती महिलाओं की संख्या पहले की तुलना में कहीं अधिक दिखाई देने लगी है। यह बदलाव केवल फिट दिखने की चाहत तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की जागरूकता का परिणाम है। महिलाएं अब समझने लगी हैं कि परिवार और काम की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के लिए खुद का स्वस्थ रहना भी उतना ही आवश्यक है। जिला मुख्यालय पर योगा और फिटनेस सेंटरों की संख्या एक सौ तक पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर महिलाएं अनियमित खान-पान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं से पीडि़त है। थायराइड, पीसीओएस, मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियां महिलाओं में तेजी से देखने को मिल रही हैं।
‘लेडीज जिम’ से बढ़ा आत्मविश्वास
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के पीछे एक बड़ा कारण महिलाओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए फिटनेस सेंटर भी हैं। कई शहरों में अब केवल महिलाओं के लिए जिम और योग केंद्र संचालित हो रहे हैं। हेल्थ क्लब की फिटनेस इन्फ्लुएंसर एवं एक्सपर्ट योगिता कपूर का कहना है कि उनके यहां योग, एरोबिक्स, ज़ुम्बा, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां कराई जाती हैं, जिनमें युवतियों के साथ-साथ गृहणियां और मध्यम आयु की महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। नियमित वर्कआउट से महिलाओं में आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ती है। इससे मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और चोट लगने का खतरा कम हो जाता है। वर्कआउट के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा आरामदायक कपड़े, सही स्पोर्ट्स शूज और संतुलित आहार फिटनेस के लिए जरूरी माने जाते हैं।
सोशल मीडिया से मिल रही प्रेरणा
आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया भी फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फिटनेस ट्रेनर्स और बॉलीवुड अभिनेत्रियों के वर्कआउट वीडियो देखकर महिलाएं प्रेरित हो रही हैं। योगा एक्सपर्ट श्रृंखला शर्मा का मानना है कि महिलाओं में तनाव ज्यादा होने पर दवाईयों के साथ साथ योगा करना चाहिए, इस वजह से अब चिकित्सक खुद यह फार्मूला अपना रहे है। सोशल मीडिया या स्क्रीन पर ज्यादा समय बीतने वाली महिलाएं अब अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गई हैं। योग और प्राणायाम के लिए सुबह के समय अच्छी संख्या में महिलाएं आती हैं।
Published on:
16 Mar 2026 11:31 pm
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