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गोल्ड लोन कंपनी के मैनेजर ने ऑडिटर्स पर ब्रांच में बंधक बनाने का लगाया आरोप

मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की स्थानीय ब्रांच में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया, जब ब्रांच मैनेजर ने 100 नंबर डायल कर पुलिस से मदद मांगी और बताया कि ब्रांच में गोल्ड रखे सैफ रुम में कुछ अजनबी लोग घुस गए जो अपने आप को ऑडिटर बता रहे हैं।

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Gold loan company manager accuses auditors of holding the branch hostage

रायसिंहनगर. कस्बे में कंपनी की ब्रांच का भवन।

रायसिंहनगर (अनूपगढ़). मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की स्थानीय ब्रांच में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया, जब ब्रांच मैनेजर ने 100 नंबर डायल कर पुलिस से मदद मांगी और बताया कि ब्रांच में गोल्ड रखे सैफ रुम में कुछ अजनबी लोग घुस गए जो अपने आप को ऑडिटर बता रहे हैं। जैसे ही ब्रांच में अज्ञात व्यक्तियों के घुसने की सूचना पहुंची तो पुलिस में भी हडक़ंप मच गया। थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़ मय पुलिस जाब्ते मौके पर पहुंचे।
इस दौरान ब्रांच मैनेजर सुशील कुमार निवासी पतरोड़ा ने आरोप लगाया कि वह ब्रांच में दो वर्ष से ब्रांच मैनेजर के पद पर है। आरोप है कि तीन दिन पूर्व ऑडिटर के रूप में पहुंचे चार व्यक्तियों ने उसे बंधक बना लिया तथा घर वालों से बात तक नहीं करने दी। पुलिस दोनों पक्षों को पुलिस थाने लेकर गई। जानकारी के अनुसार ऑडिट टीम के सदस्यों के अनुसार ब्रांंच में अब तक की गई जांच में करीब 40 से 50 लाख के सोने की गड़बडी सामने आई है। जांच का दायरा बढने के साथ साथ गड़बड़ी का आंकड़ा बढ भी सकता है।

सेफ रूम में घुसने नहीं देने और कैमरे बंद करने का आरोप

ब्रांच मैनेजर सुशील कुमार ने बताया कि 24 अक्टूबर को गोल्ड पूरा था, जिसका कंपनी के अधिकारियों ने मिलान किया था। उसके बाद 6 नवंबर शाम को चार व्यक्ति आए जो खुद को ऑडिट टीम के सदस्य बता रहे थे। वे चारों सेफ रुम में घुस गए और सेफ रुम में रखे सोने की जांच करने लगे। इस दौरान उन्होंने उसको बाहर कस्टमर गैलरी में बिठा दिया तथा उसको बाहर आकर बताया ऑडिट में कुछ पैकेट कम हैं, जिनकी कीमत 40 से 45 लाख के करीब है। मैनेजर ने बताया कि नियमानुसार ब्रांच मैनेजर की मौजूदगी में सेफ रुम में गोल्ड का मिलान किया जाता है, लेकिन उसको सेफ रुम में नहीं घुसने दिया गया।
ब्रांच मैनेजर ने आरोप लगाया कि ऑडिटर के रूप में पहुंचे व्यक्तियों ने सीसीटीवी कैमरों को भी बंद कर दिया। वे लोग रात से सुबह चार-चार बजे तक ब्रांच में सोने के पैकेट्स को खंगालते रहे। इस दौरान उन्होंने उसे ब्रांच से बाहर नहीं जाने दिया। शनिवार को जैसे ही उसे मौका मिला, उसने पुलिस को फोन कर मदद मांगी।