श्रीगंगानगर. माघ दशमी पर मंगलवार को घर-घर और मंदिरों में लोकदेवता बाबा रामदेवजी की पूजा-अर्चना हुई। अलसुबह से बाबारामदेव मंदिरों में खम्मा-खम्मा म्हारा रुणिचे रा धणिया….से जयकारे गूंजे। बाबा रामदेवजी का अभिषेक, विशेष श्रृंगार कर महाआरती हुई। मिश्री, पताशा, श्रीफल, चावल, दाल और हलुआ का विशेष भोग अर्पित किए गए। मुख्य मेला सूरतगढ़ रोड पर िस्थत बाबा रामदेव मंदिर में भरा गया। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर के अंदर और बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही। वहीं शिव चौक से सुखाडि़या सर्किल तक वाहनों की नो एंट्री हुई।
वाहनों को गगन पथ और नई धानमंडी के रास्तों के लिए यातायात व्यवस्था की गई। मेले क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टिगत पुलिस का जाब्ता लगाया गया। मंदिर में सेवादारों ने श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए विशेष व्यवस्था कर रखी थी। बैरीकेट्स में श्रद्धालुआं को भिजवाया गया ताकि भीड़ पर नियंत्रित रखा जा सके। वहीं जूते रखने और लंगर व्यवस्था के लिए सेवादार जुटे हुए थे। इधर, माघ दशमी को लेकर मदन विहार, इंदिरा कॉलोनी, पदमपुर मार्ग, पुरानी आबादी के बाबा रामदेवजी के मंदिर रंगीन रोशनी से सजाए गए। इन मंदिरों में भी धोक लगाने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया।
सुखाडि़या सर्किल से लेकर शिव चौक तक मेले एरिया में काफी संख्या में अस्थायी दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। कई लोग तो अपने बच्चों को खिलौने की खरीददारी करते दिखे तो कई महिलाओं ने नमकीन टिकी, समौसे, गोल गप्पे खाने का स्वाद चखा। वहीं कईयों ने घरेलू सामान रखने पर जोर दे रखा था। शरीर पर टेटू लगाने के लिए युवक-युवतियों में क्रेज देखने को मिला। इसके अलावा रेडीमेड कपड़ों, रंग बिरंगे खिलौने, सीटी आदि सामान की खूब बिक्री हुई। इधर, दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे प्रसाद की बिक्री करने के लिए स्टॉल तक लगाई है।