
श्रीगंगानगर सहित राज्य की 136 कृषि उपज मंडी समितियों में स्थापित की जा रही ग्रेड क्लीनिंग ग्रेडिंग मशीनें
किसान को मिलेगा उपज का सही मूल्य--श्रीगंगानगर सहित राज्य की 136 कृषि उपज मंडी समितियों में स्थापित की जा रही ग्रेड क्लीनिंग ग्रेडिंग मशीनें
कृष्ण चौहान
पत्रिका एक्सक्लूसिव--प्लस फोटो--श्रीगंगानगर.नहरी तंत्र से सरसब्ज श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिलों की राज्य में अन्न का कटोरा के नाम से अलग पहचान है। किसान को उपज का उचित मूल्य मिले इसके लिए अब श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित राज्य की 144 में से 136 मंडियों में करीब 33 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से ग्रेन क्लीनिंग ग्रेडिंग मशीन स्थापित की जा रही है। वर्तमान में श्रीगंगानगर और पदमपुर की कृषि उपज मंडी समिति अनाज में 80 लाख रुपए लागत की ग्रेडिंग मशीन आ चुकी है और इन्हें स्थापित करने के लिए फाउंडेशन का काम चल रहा है। मंडी में ग्रेडिंग मशीन स्थापित होने पर किसानों के अनाज की मंडी में ही अच्छी तरह से साफ-सफाई हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ई-नाम योजना के तहत देश की सभी कृषि उपज मंडी समितियों में ग्रेड क्लीनिंग ग्रेडिंग मशीनें स्थापित की जा रही है।
उपज का सही दाम मिलेगा
फसल की सफाई होने से किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिल सकेगा। अभी तक किसान अपने स्तर पर उपज की सफाई करवाता रहा है। अधिकांश किसान सीधे खेतों से फसलों को बेचाने के लिए मंडी में लेकर आता है। व्यापारी किसान को फसल में अधिक कचरा होने का कह कर दाम में कटौती कर देता है। लेकिन अब मशीन से सफाई होने के बाद किसान को फसल का उचित मूल्य मिलेगा।
ई-नाम एक इलेक्ट्रोनिक कृषि पोर्टल
-किसानों के लिए केंद्र सरकार ई-नाम से एक इलेक्ट्रोनिक कृषि पोर्टल संचालित कर रही है जो पूरे भारत में मौजूदा एग्री प्रोडक्ट मार्केटिंग कमेटी को एक नेटवर्क में जोडऩे का काम कर रही है। ई-नाम योजना के जरिए बिचौलियों का झंझट खत्म होता जा रहा है और किसान अपनी उपज की ऑनलाइन बिक्री कर रहा है।
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यूं करती है मशीन फसल की ग्रेडिंग
ग्रेंडिग मशीन में सरसों,गेहूं व दलहन की साफ-सफाई की जा सकेगी। इसमें चार खाने होते हैं,जिनमें एक से धूल,दूसरे से डंठल और तीसरे से साफ अनाज प्राप्त होता है। खेतों में लगे थ्रेसर से अनाज में मिट्टी,कंकड़ के अलावा फसल का कचरा चला जाता है। अब किसानों को इससे छुटकारा मिलेगा।
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फैक्ट फाइल
राज्य की मंडियों का गणित
-राज्य में कृषि उपज मंडी समितियां-144
-राज्य में कृषि उपज मंडी समितियों में ग्रेडिंग मशीन लगाई-136
-राज्य की मंडियों में बड़ी मशीनें स्थापित की-25
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जिले की मंडियों का गणित
-जिले में कृषि उपज मंडी समितियां-15
-जिले की कृषि उपज मंडी समितियों में छोटी मशीनें लगाई-13
-कृषि उपज मंडी समिति श्रीगंगानगर व पदमपुर में बड़ी मशीनें स्थापित की जा रही है।
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ग्रेडिंग मशीन पर राशि खर्च का गणित
-एक बड़ी ग्रेडिंग मशीन की कीमत-40 लाख रुपए
-एक छोटी ग्रेडिंग मशीन की कीमत-20 लाख रुपए
-बड़ी ग्रेडिंग मशीनों पर राशि खर्च की गई-1,000,000
-छोटी ग्रेडिंग मशीनों पर राशि खर्च की गई 22,20,0000
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किसान अब अपनी उपज की ग्रेडिंग कर मंडी में फसल का बेचान कर सकेगा। इससे किसान को उपज का सही दाम मिलेगा। इसके लिए श्रीगंगानगर व पदमपुर सहित राज्य की 25 मंडियों में बड़ी ग्रेडिंग मशीन स्थापित की जा रही है और राज्य की 111 अन्य अनाज मंडियों में छोटी ग्रेडिंग मशीनें सप्लाई की गई है।
शिवसिंह भाटी,सचिव,कृषि उपज मंडी समिति (अनाज)श्रीगंगानगर।
Published on:
04 Feb 2022 01:02 pm
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