
ग्रेट ब्रिटेन (यूके) में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब अपने जीवनसाथी या किसी अन्य को साथ नहीं ले जा सकेंगे। यूके सरकार ने एक जनवरी से स्पाउस वीजा पर रोक लगा दी है। ऐसे में यूके में पढ़ने वाला कोई भी विदेशी छात्र अपने साथ पति या पत्नी को नहीं ले जा सकेगा। कनाडा और यूके जाने के लिए श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले से हर साल करीब पन्द्रह हजार लोग स्टेडी या कॉन्ट्रेक्ट मैरिज से जाते हैं। स्पाउस वीजा बंद किए जाने से कॉन्टेक्ट मैरिज के चलन में कमी आने का अंदेशा है।
यूके या कनाडा में पढ़ रहीं लड़कियों से कॉन्ट्रेक्ट मैरिज कर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के अलावा पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के कई लोग विदेशों में जाकर वहां बस गए। अब एक जनवरी 2024 से यूके ने स्पाउस वीजा पर रोक लगी हैं, इससे कॉन्ट्रेक्ट मैरिज के माध्यम विदेश जाने में रहने का सपना पालने वालों पर एकाएक झटका लगा है।
85 प्रतिशत भारतीय स्टूडेंटस शादीशुदा
ब्रिटेन में वर्ष 2020 में 48,639 भारतीय छात्र पहुंचे थे। वहीं वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 55 हजार 903, वर्ष 2022 में यह संख्या 2 लाख 978 तक जा पहुंची। पिछले साल 2023 तक यह आंकड़ा तीन लाख पार कर गया। इसमें करीब 85 प्रतिशत स्टूडेंट़स शादीशुदा थे। इनका मकसद किसी तरह ब्रिटेन पहुंचना था। भारतीय हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में कम पगार पर काम करने लगे। इससे यूके में वहां के लोगों को कम पगार में काम करने की मजबूरी होने लगी हैं।वहां जाकर विद्यार्थी के जीवनसाथी कम पगार पर काम-धंधे में लग गए।
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हमने अपनी साख खुद खराब की
स्टडी वीजा प्रक्रिया के जानकार विकास का मानना है कि लोगों ने वहां पर जाकर न केवल नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि कम वेतन पर काम करने से यूके के मूल निवासियों को संकट में डाला है। विद्यार्थियों के जीवनसाथी जो यूके गए, वह भी स्किल या तकनीकी माहिर नहीं थे। इधर, यूके में स्टडी वीजा के काम करने वाले लोगों का कहना है कि अगले सेमेस्टर के लिए जो दाखिले हुए हैं, उनकी संख्या 25 फीसदी रह गई है। विद्यार्थी अब यूके के प्रति रुझान कम दिखा रहे हैं।
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दरअसल, यूके में स्टडी करने के दौरान स्टूडेंटस अपने निर्भर रहने वालों को साथ ले जाते थे, इस कारण वहां दोनों शादीशुदा होने का दावा करते थे। कॉन्टेक्ट मैरिज में खुद को अपने पति या पत्नी पर निर्भर की आड़ में दोनों वहां कम पगार में काम करने लगे जाते। इससे यूके के युवाओं को अच्छी पगार नहीं मिलती तो रोष बढ़ने लगा। यूके सरकार ने पिछले साल मई में जीवन साथी को निर्भरता की आड़ में बाहर से आने वाले स्टूडेंट़स पर सख्ती की। यह नियम अब एक जनवरी से लागू किया गया है। यह नियम सिर्फ भारत के लिए नहीं पूरी दुनिया के देशों के लिए बनाया है। इसमें पोस्ट ग्रेचुएट या सरकारी स्तर पर स्टडी करने वाले स्टूडेंटस पर लागू नहीं होगा।
इसलिए उठाया ब्रिटिश सरकार ने यह कदम
ब्रिटिश सरकार ने जनवरी 2021 में वहां काम करने वालों के लिए कम से कम 25 हजार 600 पाउंड प्रतिवर्ष की आय निर्धारित की थी, लेकिन कई भारतीय यूके पहुंच गए, जो खेतीबाड़ी के अलावा हॉस्पिटेलिटीइंडस्ट्री में कम पगार पर काम करने लगे। इससे यूके में राइट टू वर्क पर असर पड़ने लगा। यूके के मूल निवासी कम पगार पर काम करने के लिए मजबूर होने लगे। इससे वहां की सरकार खासा दबाव महसूस कर रही थी।
स्टडी वीजा पर असर नहीं
इस नए नियम से आश्रित दिखाने के लिए कॉन्टेक्ट मैरिज कर जाने वालों पर रोक लग जाएगी। इसके साथ साथ असामाजिक कार्य पर रोक लग सकेगी, लेकिन स्टडी वीजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दरअसल, स्टूडेंटस निर्भरता पर दूसरे अतिरिक्त वीजा लेने वाले व्यक्तियो पर रोक है। इस नए नियमों से पीजी कोर्स करने वाले स्टूडेंट़स या गर्वमेंट एडेड कोर्स करने के लिए पूर्व की तरह छूट रहेगी।
Published on:
13 Jan 2024 12:10 pm
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