30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्री गंगानगर

हाईकोर्ट ज​स्टिस ने न्यायिक अ​धिकारियों को इन बातों दी सीख

High Court Justice taught these things to judicial officers- राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी की कार्यशाला आयोजित

Google source verification

श्रीगंगानगर। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार गर्ग का कहना है कि न्यायिक अधिकारी न्यायिक प्रक्रिया के साथ साथ समाजहित में योगदान दें ताकि अमिट छाप बन सके। उन्होंने अलग अलग अपने घटनाओं के माध्यम से तीन नई सीख देने का प्रयास किया। पहली सीख देते हुए उनका कहना था कि अफसर कितना भी बड़ा बन जाएं उसे विनम्र होना चाहिए, अपने अधीनस्थ सहायक कार्मिक का उसके कार्यो के आधार पर मूल्यांकन करते हुए उसे सम्मानित भी करना चाहिए ताकि सहायक कार्मिक या अधीनस्थ कार्मिक के मन में आपके प्रति लगाव और स्नेह दुगुना हो सके।

High Court Justice taught these things to judicial officers

इसी प्रकार दूसरी सीख के बारे में उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्तियों की अपनी श्रद्धा के अनुरुप मदद भी करनी चाहिए। इस संबंध में जस्टिस गर्ग का कहना था कि वे अपनी कार में बिस्कुट के पैकेट रखते है, यह उन जरुरतमंदों को देते है जिनको ज्यादा जरूरत होती है। तीसरी बिजली बचत की सीख दी। कोर्ट इजल्लास में जब पीठासीन अधिकारी नहीं है और लंच टाइम है तो लाइट बंद कर अपने देश हित में योगदान दे सकते है।

https://www.patrika.com/jabalpur-news/judicial-academy-to-be-opened-in-jabalpur-cji-will-inaugurate-programe-2049814/


राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी की ओर से श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले के न्यायिक अधिकारियों की प्रथम त्रैमासिक कार्यशाला शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जस्टिस गर्ग की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यशाला शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जस्टिस गर्ग ने अंतरिम, अस्थाई और अग्रिम जमानत, जमानत याचिका पर विचार करते समय विचार किए जाने वाले कारक, जमानत रद्द करने के सिद्धांत, सीआरपीसी 438 में अग्रिम जमानत देने की प्रक्रिया, सेटलमेंट एंड द अमेंडमेंट ऑफ इश्यू, फ्रेमिंग मुद्दों का उद्देश्य और दायरा, अपीलीय अदालत की शक्ति सहित अन्य मुद्दों पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

https://www.youtube.com/watch?v=UAPqYoURJxY

इससे पहले श्रीगंगानगर के जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास ने अतिथियों और न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला आयोजन की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। हनुमानगढ़ के जिला एवं सैशन न्यायाधीश संजीव मांगो ने धन्यवाद ज्ञापित किया जबकि कनिका हांडा और रचना बिस्सा ने मंच संचालन किया। इस मौके पर दोनों जिलों के विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जमानत अर्जी स्वीकार करने या अस्वीकार करने और कोर्ट के पीठासीन अधिकारी के कार्यो के बारे में अपना व्याख्यान दिया। कार्यशाला में न्यायिक अधिकारी सीमा, एसीबी कोर्ट के स्पेशल जज राजकुमार, पोक्सो कोर्ट के स्पेशल जज अरुण कुमार अग्रवाल, एनडीपीएस कोर्ट के स्पेशल जज अशोक कुमार टाक, एडीजे महेंद्र के. सोलंकी, एडीजे सुरेश कुमार प्रथम, स्पेशल जज विनोद कुमार गुप्ता, सविता चौधरी, विजय कोचर, नवदीप आदि अधिकारी मौजूद थे।