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बीमा क्लेम:मुख्यमंत्री कार्यालय ने तलब की रिपोर्ट

-श्रीगंगानगर सहित प्रदेश में आधे से ज्यादा किसानों के बीमा क्लेम खारिज होने का प्रकरण -दी राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड व जीकेएसबी में मची खलबली

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  • श्रीगंगानगर.पिछले कुछ वर्षों से राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत किसानों के बीमा क्लेम निरंतर खारिज किए जा रहे हैं, जिससे किसानों में चिंता और निराशा है। राजस्थान पत्रिका के मंगलवार के अंक में मौत सच, बीमा क्लेम पर बहाना, करोड़ों कमाए,..भुगतान क्यों अटकाए शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद सीएमओ जयपुर से लेकर सीसीबी सहित यहां के जीकेएसबी में खलबली मच गई। पत्रिका ने उजागर किया था कि आधे से ज्यादा किसानों के क्लेम को बीमा कंपनियों ने विभिन्न बहानों से खारिज कर दिया। अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने रिपोर्ट तलब की है।
  • इस प्रकरण में सीएमओ ने राज्य सहकारी बैंक के रजिस्ट्रार से राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना और सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रजिस्ट्रार ने गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक संजय गर्ग को निर्देशित किया है कि अवगत करवाएं कि पिछले पांच वर्षों में इस बीमा योजना में कितने किसानों ने बीमा करवाएं, कितनी राशि प्रीमियम की जमा करवाई गई और कितने बीमा क्लेम स्वीकृत हुए और कितने क्लेम खारिज किए गए। साथ ही रायसिंहनगर और श्रीविजयनगर क्षेत्र के दो प्रकरणों की भी पूरी रिपोर्ट मांगी गई।

यह है मामला

  • वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रदेश के 28 लाख किसानों ने कृषि बीमा योजना का लाभ उठाया, जिससे बीमा कंपनियों ने 9680.27 करोड़ रुपए का प्रीमियम प्राप्त किया। हालांकि,बीमा कंपनियों ने मात्र 493 क्लेम के लिए 4905 लाख रुपए का भुगतान किया, जबकि 862 क्लेम 8620 लाख रुपए के अस्वीकृत हुए। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी स्थिति अत्यंत नकारात्मक रही, जहां केवल 326 क्लेम पर 3260 लाख रुपए का भुगतान किया गया। श्रीगंगानगर जिले में 38 में से 28 क्लेम निरस्त होने का परिणामस्वरूप किसानों को केवल एक करोड़ रुपए का मुआवजा मिला।