
पाइप डालने पर खर्चे लाखों, फिर भी नहीं मिल रहा पानी
श्रीगंगानगर.
शहर से कुछ दूरी पर स्थित चार जेड की ढाणियों के वाशिंदों को प्यास बुझाने के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्राम पंचायत ने पानी की आपूर्ति के लिए 15 लाख रुपए की पाइप लाइन तो डाल दी, लेकिन अब इस लाइन से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। बुधवार को श्रीगंगानगर विधायक कामिनी जिंदल इस गांव में सड़क का उद्घाटन करने के लिए गई तो वहां लोगों ने मुद्दा उठाया। लोगों ने विधायक को बताया कि गर्मी के मौसम में ढाणियों में पानी ही नहीं आ रहा है।
ढाई साल पहले ग्राम पंचायत ने लाखों रुपए खर्च कर पूर्व विधायक की ढाणी के समक्ष से रेलवे फाटक से आगे तक पाइप लाइन बिछाई थी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की मुख्य पाइप लाइन से कनेक्शन कर पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई, लेकिन जब विभाग के अधिकारियों को पता चला तो उन्होंने तर्क दिया कि शहर का पानी ग्रामीण क्षेत्र में दिया नहीं दिया जा सकता। विभाग से बिना स्वीकृति लिए पाइप लाइन जोडऩा गलत बताकर तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता भजन लाल यादव ने कनेक्शन कटवा दिया।
मिनी वाटरवक्र्स का प्लान
विधायक कामिनी जिंदल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए मिनी वाटरवक्र्स का प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाया हुआ है। वहां से राशि मंजूर होने पर मिनी वाटरवक्र्स बनाया जाएगा। इसके बाद इस क्षेत्र में पानी संकट की समस्या से निजात मिल जाएगा।
मुख्य पाइप लाइन से नहीं जोड़ा
बंसती बिहार कॉलोनी में पानी आपूर्ति के लिए छह मुरब्बे में पाइप लाइन डाली गई। इस पर करीब छह लाख रुपए खर्च किए गई। तत्कालीन ग्राम सचिव खैराती लाल तनेजा ने बताया कि बजट की कमी की वजह से पूरी पाइप लाइन नहीं डाली गई। यदि तीन पुली तक पूरी लाइन डाल दी जाती तो पानी संकट की समस्या खत्म हो जाती।
मुझे जानकारी नहीं
ढाई साल पहले ढाणियों में पानी आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डाली गई थी। एक बार आपूर्ति भी शुरू की गई थी। इसके बाद उस ग्राम पंचायत से मेरा तबादला हो गया। अब क्या स्थिति है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
-पंकज मुंजराल, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत चार जेड।
बिना मंजूरी जोड़ी थी लाइन
तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता ने चार जेड ग्रामीण क्षेत्र में बिना मंजूरी के पाइप लाइन जोडऩे की सूचना मिली तो कनेक्शन कटवाने की कार्रवाई की गई थी।
वीके जैन, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग,श्रीगंगानगर।
Published on:
12 Jul 2018 08:15 am
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