
जिगर के टुकड़े को लावारिस छोड़ा, बेहतरीन कपड़े गले में चेन और हाथों में पहने था चांदी के कड़े
श्रीगंगानगर.
राजकीय चिकित्सालय में इमरजेंसी के पास बने शिशु पालना गृह में बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे कोई अज्ञात व्यक्ति अपने जिगर के टुकड़े (बालक) को छोडक़र चला गया। जो करीब दस से पंद्रह दिन का प्रतीत होता है। पहली बार पालना गृह में बालक को छोडऩे ( left newborn baby ) का मामला सामने आया है। जिसे शिशु नर्सरी में रखा गया है। बच्चे की रीढ़ की हड्डी में गांठ है, जहाँ पट्टी बंधी हुई है। शायद इसी बीमारी के चलते बच्चे को छोड़ा गया है।
यह है पूरा मामला ( cruel mother left baby )
राजकीय चिकित्सालय में नाइट ड्यूटी सुपरवाइजर राकेश कुमार ने बताया कि स्टाफ के लोग इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान करीब 10 बजकर 20 मिनट पर बच्चे के रोकने की आवाज आई। बच्चा जोर-जोर से रो रहा था। इस पर चिकित्साकर्मियों ने पहले तो इधर-उधर देखा लेकिन बाहर कोई बच्चा नहीं होने पर तत्काल शिशु पालना गृह में देखा तो एक बच्चा रोता हुआ मिला। जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति यहां छोडकर चला गया था।
बच्चा करीब दस से पंद्रह दिन का
चिकित्सा कर्मियों ने तत्काल बच्चे को पालना गृह से बाहर निकाला और गोद में उठा लिया। गोद में उठाते ही बच्चे ने रोना बंद कर दिया। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने बच्चे की जांच की। देखने में बच्चा बड़े घर का दिखाई देता है। जिसने अच्छे कपड़े पहने हैं और डायपर बंधा हुआ है। इसके अलावा बच्चे के गले में चांदी की चेन व हाथों में चांदी के कड़े हैं। बच्चा करीब दस से पंद्रह दिन का बताया जा रहा है।
शिशु नर्सरी में भर्ती
चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि ऐसा पहलीबार हुआ है कि कोई अज्ञात व्यक्ति बालक को पालना गृह में छोडकर चला गया। अभी तक लोग बालिकाओं को छोडक़र जाते रहे हैं। चिकित्सा कर्मियों ने बालक को शिशु नर्सरी में भर्ती करवा दिया है।
हालत को देखते हुए उसे बीकानेर रेफर
चिकित्साकर्मियों ने बताया कि इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम व संबंधित थाने को ( sri ganganagar police ) सूचना दे दी गई है। चाइल्ड लाइन ( child line ) को भी अवगत कराया गया है। बच्चे की रीढ़ की हड्डी में गांठ जैसा है, पट्टी बंधी है। जो किसी निजी अस्पताल में बांधी गई है। चिकित्सा कर्मियों का कहना है कि शायद इसी के चलते बच्चे को छोड़ा गया है। यह बीमारी मिंगो मयलोकोले बताई जा रही है। ड्यूटी डॉक्टर एमएल छिम्पा व शिशु रोग के डॉक्टर एमआर राठी ने बच्चे की जांच की है। बच्चे की हालत को देखते हुए उसे बीकानेर रेफर किया गया है।
Updated on:
12 Sept 2019 02:29 am
Published on:
12 Sept 2019 02:04 am
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