श्रीगंगानगर. जवाहरनगर थाना पुलिस ने एक निजी अस्पताल की ओर से बैंक में रुपए जमा कराने भेजे गए कर्मचारी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट की फर्जी कहानी रचने के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्ययिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने पंद्रह हजार रुपए की नकदी बरामद की है। जबकि दो अन्य आरोपियों से पूछताछ कर शेष राशि बरामदगी के प्रयास चल रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि सिहाग हॉस्पीटल के मैनेजर संजीव कुमार निवासी फ्रेण्डस कॉलोनी ने गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कर्मचारी जयपाल को 70 हजार रुपए बैंक में जमा कराने के लिए भेजा था। जिसने फोन करके बताया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उससे रुपए छीन लिए है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई सुरेन्द्र ज्याणी को सांैपी। लूट के मामले को देखते हुए थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस रमेश व मीरा चौकी प्रभारी एसआई रामविलास बिश्नोई के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
इस टीम की ओर से घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारी जयपाल से गहनता से पूछताछ की। इस पर जयपाल ने यह फर्जी लूट का षड्यंत्र अपने दोस्तों के साथ मिलकर करना स्वीकार किया।
इस पर पुलिस ने आरोपी जयपाल पुत्र काशीराम निवासी वार्ड नंबर छह बनवाली लालगढ़ जाटान, ओमप्रकाश उर्फ ओमी पुत्र मोहनलाल निवासी चक छह बीजीएस बनवाली ढाणी हाल चक 23 एक अनूपगढ़ को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
दोनों अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था। जबकि उनके एक अन्य साथी कैलाश पुत्र राजकुमार निवासी ढाणी 6 बीजीएस बनवाली लालगढ़ जाटान को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया। जिसको शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस ने इस आरोपी से करीब पंद्रह हजार रुपए की राशि बरामद की है। जबकि अन्य राशि बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।