जयपुर व अजमेर जैसे शहरों में जहां दुपहिया वाहनों पर चालक के साथ ही बैठने वाले के लिए हेलमेट अनिवार्य है लेकिन श्रीगंगानगर में चालक भी हेलमेट नहीं लगाते हैं। पुरुषों के साथ ही महिलाएं एवं युवतियां भी बिना हेलमेट के वाहन चला रही हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि दुपहिया वाहन चालकों को हादसे के दौरान सिर में चोट से बचाव हो सके, इसलिए हेलमेट के लिए सख्ती की जाती है लेकिन बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाकर लोग खुद ही अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। समय-समय पर समझाइस व चालान आदि की कार्रवाई भी की जाती है लेकिन इसके बाद भी लोग हेलमेट को स्वेच्छा से अपनी आदत नहीं बना पा रहे।