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श्रीगंगानगर.
शादी का झांसा देकर ढाई साल तक छात्रा का यौनशोषण करने के मामले में पीडि़ता ने पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं करने व आरोपित के परिजनों की ओर से राजीनामे का दबाव डालने तथा धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पंचायती धर्मशाला में पीडि़ता ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वह 2014 में श्रीगंगानगर में अध्ययन कर रही थी। इस दौरान उसकी पहचान नेतेवाला निवासी दीपेन्द्र पुत्र दिलीप ताखर से हुई। एक दिन दीपेंद्र ने उसे अपने दोस्त के मकान पर बुलाया और उसे कोल्ड ड्रिंक्स में नशीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद उसने दुष्कर्म किया और वीडियो क्लिप भी बना ली। उसने विरोध किया तो दीपेंद्र ने वीडियो व फोटो नेट पर डालने की धमकी दी और फिर इसी आधार पर ब्लैकमेल कर यौनशोषण करता रहा। इससे वह गर्भवती हो गई। बात दीपेंद्र के परिजन तक पहुंची तो उन्होंने पीडि़ता की शादी दीपेन्द्र से करवाने का आश्वासन दिया। वही, यह बात किसी को नहीं बताने के लिए भी कहा।
इसके बाद दीपेंद्र के परिजन ने उसका गर्भपात करवा दिया। इसके बाद दीपेन्द्र की शादी कहीं अन्य जगह तय कर दी। उसने दीपेंद्र से संपर्क किया तो दीपेंद्र ने जान से मारने की धमकी दी और शाादी से इनकार कर दिया। इस मामले की रिपोर्ट छह मार्च को महिला थाने में दर्ज कराई गई। जांच थाना प्रभारी विष्णु कुमार ने की और आश्वासन मिलता रहा कि आरोपित को गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई।
'भादू ने बनाया मामला निपटाने का दबाव'
पत्रकार वार्ता में पीडि़ता ने आरोप लगाया कि मीरा चौकी प्रभारी जयकुमार भादू दीपेंद्र का रिश्तेदार है। इस कारण भादू ने मामला निपटाने के लिए दबाव बनाया। भादू ने 11 मार्च को उसे बुलाया। वह अपनी बुआ के साथ पहुंची। जहां से भादू अपनी पत्नी के साथ हमें बयान दिलाने के बहाने कार में अमृतसर ले गया। वहां उसने एक होटल में रखा ताकि दीपेंद्र की शादी में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए। यह जानकारी जांच अधिकारी को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, उसकी बुआ व मां से उसके खिलाफ बयान ले लिए। इन्हीं बयानों के आधार पर महिला थाना प्रभारी ने एफआर लगा दी। उसने आग्रह किया तो अब जांच बदलकर सीओ सिटी तुलसीदास पुरोहित को सौंपी गई है।
इनका कहना है
- मामले में हर बिंदू पर जांच की जा रही है। पीडि़ता ने दो बार बयान दर्ज कराए हैं। पीडि़ता ने मीरा चौक चौकी प्रभारी की भी शिकायत की है। इस संबंध में जांच चल रही है।
तुलसीदास पुरोहित, सीओ सिटी श्रीगंगानगर।
- यह मामला अनुसंधान में झूठा पाया गया। लड़की ओर से पुलिस पर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत है। लड़की की सहमति से संबंध थे और अब वह ब्लैकमेल कर रही है।
विष्णु कमार, थाना प्रभारी महिला थाना श्रीगंगानगर।
Published on:
06 Jun 2017 08:21 pm
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